
क्या शाकाहारियों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार नहीं?
– डॉ. शैलेश शुक्ला लोकतांत्रिक समाज में प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद का भोजन करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। यह स्वतंत्रता व्यक्तिगत गरिमा और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किंतु किसी भी अधिकार की सीमा वहीं तक होती है, जहां से दूसरे व्यक्ति के अधिकारों का हनन प्रारंभ होता है।






































