
“वानप्रस्थ में गूंजा बैसाखी का उल्लास, भंगड़ा और लोकधुनों ने बांधा समां”
“संगीत, लोकगीत और पारंपरिक नृत्यों से सजी शाम, वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साह से मनाया फसल उत्सव” हिसार।“बैसाखी आई है,फसल पकी देखो,खुशियों को लाई है…” इन्हीं पंक्तियों की जीवंत अनुभूति उस समय साकार हो उठी, जब वानप्रस्थ सीनियर सिटीजन क्लब में बैसाखी का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण




































