
सिस्टम पर हमला या व्यवस्था से मोहभंग: लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती
संस्थाओं की गरिमा और जवाबदेही के बीच संतुलन ही लोकतंत्र की असली कसौटी कमलेश पांडेय भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 53वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा “सिस्टम पर हमले की प्रवृत्ति” पर की गई तल्ख टिप्पणी केवल एक न्यायिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि हमारे समय की गहरी लोकतांत्रिक बेचैनी का संकेत

































