
“श्मशान घाट में भी स्टेडियम से ज़्यादा सुविधा है” – नवीन जयहिन्द
*“स्टेडियम का नाम चाहे प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम पर रख दो, हमें नाम से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन खिलाड़ियों को पीने का पानी, साफ वॉशरूम और अच्छी सुविधाएं मिलनी चाहिए।” — नवीन जयहिंद* *“जो बच्चे मैदान में पसीना बहाकर देश के लिए खिलाड़ी, फौजी और पुलिस अधिकारी बनना चाहते




































