
नेताओं की अराजकतावादी मानसिकता : लोकतंत्र के लिए चेतावनी या राजनीतिक प्रवृत्ति का विकृत रूप?
@कमलेश पांडेय | वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संस्थागत स्थिरता, संवैधानिक मर्यादा और विविधता में निहित सामाजिक संतुलन रही है। किंतु जब राजनीति जनसेवा से हटकर उग्रता, व्यक्तिगत आक्रामकता, भीड़-उत्तेजना और संस्थाओं के अवमूल्यन का माध्यम बनने लगे, तब लोकतंत्र के भीतर ही





































