आधुनिक तकनीकों और शोध से हृदय रोगों की पहचान व उपचार हुआ बेहतर- राजेश नागर
देश-विदेश के विशेषज्ञों ने साझा किए उपचार के नए अनुभव

गुरुग्राम, 22 अगस्त: हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे लगातार शोध और नवाचारों ने हृदय रोगों की पहचान एवं उपचार को नई दिशा दी है। आधुनिक तकनीकों और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के कारण आज जटिल हृदय रोगों का इलाज पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से संभव हो रहा है। ऐसे आयोजन चिकित्सा विशेषज्ञों को अपने अनुभव और नई तकनीकों को साझा करने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों पर मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करते हैं। ये बात उन्होंने शनिवार को द ओबेरॉय, गुरुग्राम में आयोजित 16वें आईआईसी समिट 2026 का उद्घाटन करने के दौरान कही।
राजेश नागर ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हृदय की सेहत और खान-पान का सीधा संबंध है। अधिक नमक, चीनी और तेल का सेवन, असंतुलित खान-पान तथा मिलावटी या घटिया खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए लोगों को स्वस्थ खान-पान के साथ-साथ अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए।
राजेश नागर ने कहा कि भारत में चिकित्सा सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है और अब दुनिया के कई देशों से लोग इलाज के लिए भारत आ रहे हैं। भारत में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं अपेक्षाकृत कम खर्च में उपलब्ध होना देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान से आगे बढ़कर दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है और आने वाले समय में शीर्ष तीन में पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों को हृदय रोगों से बचाव, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आईआईसी समिट शोध, नई तकनीकों, विशेषज्ञ अनुभवों और आपसी सहयोग के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
ट्रांसफॉर्मिंग स्ट्रक्चरल एंड कोरोनरी हार्ट डिजीज विषय पर आयोजित दो दिवसीय 16वें आईआईसी समिट 2026 की थीम एविडेंस, एक्सपर्टीज, एवोल्यूशन है। 22 और 23 अगस्त को आयोजित हो रहे इस समिट के पहले दिन 22 अगस्त को देश-विदेश से आए कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों ने हृदय रोगों के आधुनिक उपचार, नई तकनीकों और जटिल मामलों पर चर्चा की।
पहले दिन विभिन्न सत्रों में टीएवीआर, पीसीआई, डीसीबी, डीईएस, एआई, ओसीटी, आईवीयूएस, कॉम्प्लेक्स कोरोनरी डिजीज, हार्ट फेल्योर, स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशंस और वाल्व संबंधी उपचार तकनीकों पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं हॉल एट्रियम में इवॉल्व: नेक्स्ट-जेनरेशन कार्डियोवैस्कुलर थैरेपीज, कैल्शियम बस्टर्स, एलएम बिफर्केशन एंड इमेजिंग वर्कशॉप और कॉम्प्लेक्स केस थिएटर सहित विभिन्न वर्कशॉप आयोजित की गईं, जिनमें आधुनिक उपचार तकनीकों, जटिल मामलों और नई चिकित्सा पद्धतियों पर व्यावहारिक जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के चेयरमैन मेदांता द मेडिसिटी गुरुग्राम डॉ. रजनीश कपूर, डॉ. आर.आर. कसलीवाल, डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. राकेश कुमार जसवाल, डॉ. निशिथ चंद्रा, डॉ. अजीत मुल्लासारी, डॉ. युगुल के. मिश्रा, डॉ. अमित चौरसिया, डॉ. राजाराम अनंतरमन, डॉ. टी.एस. क्लेर, डॉ. ईबरहार्ड ग्रूबे, डॉ. अमर कृष्णास्वामी, डॉ. अनिल ढल्ल, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. विजय त्रेहन, डॉ. एच.के. बाली, डॉ. यो खंग केओंग, डॉ. सैम डॉकिन्स, डॉ. मनीष बंसल और डॉ. प्रवीण चंद्रा सहित देश-विदेश से आए अनेक विशेषज्ञ मौजूद रहे।








