बोले – विकास के साथ नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता भी जरूरी, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर दिया जोर
दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित सीपीए सम्मेलन के अनुभव भी साझा किए

चंडीगढ़, 6 अक्तूबर – हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मंगलवार को विधान सभा सचिवालय की ओर से प्रकाशित पुस्तक ‘सदस्य परिचय 2024’ का विमोचन किया। पुस्तक में 15वीं हरियाणा विधान सभा के लिए निर्वाचित 90 विधायकों का विस्तृत परिचय संकलित किया गया है।
पुस्तक में विधायकों की जन्म एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि, शैक्षणिक योग्यता, भाषा ज्ञान, वर्तमान व्यवसाय, सामाजिक कार्यों, खेल एवं अभिरुचियां, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और शासकीय निकायों में उनकी भूमिका, सम्मेलनों में भागीदारी, रुचि के विषय, खानपान तथा विधानसभा चुनाव के परिणामों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई है।
विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने विधायकों को उनके दायित्वों का बोध कराते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास तक सीमित नहीं है। उन्हें समाज को नागरिक कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना मजबूत करना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक है।
दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में गत माह आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) सम्मेलन के अनुभव साझा करते हुए हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि विधायी विषयों के क्षेत्र में भारत लगातार आदर्श स्थिति की ओर आगे बढ़ रहा है। देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत हैं और उनका मुख्य उद्देश्य जनकल्याण है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ भविष्य की चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने के लिए प्रभावी उपाय तलाशना जरूरी है। इसके लिए नीति-निर्माताओं, जनप्रतिनिधियों और समाज को मिलकर काम करना होगा।
विस अध्यक्ष ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अब प्राकृतिक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है। इस क्षेत्र में अभी व्यापक स्तर पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और टिकाऊ विकास आने वाले समय की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं। जनप्रतिनिधियों को इन विषयों के प्रति आमजन को जागरूक करने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाल ही में हुई मुलाकात के संबंध में संवाददाताओं के सवाल पर हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि यह मुलाकात राजनीति से इतर दूरगामी दायित्वों और मार्गदर्शन से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तीन दिशाओं में हरियाणा की सीमाएं लगती हैं और प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में हरियाणा की विशिष्ट और महत्वपूर्ण भूमिका है।








