सरकार की वादाखिलाफी से गंदगी के ढेर पर बैठा हरियाणा : विद्रोही

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दावा—शहरों और कस्बों में जमा हुआ 10 हजार टन से अधिक कचरा, बढ़ा बीमारियों का खतरा

13 मई के समझौते के अनुसार सफाई कर्मचारियों की मांगों का गजट नोटिफिकेशन जारी करे सरकार

रेवाड़ी, 22 अगस्त। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की हठधर्मिता और वादाखिलाफी के कारण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंच रही है और पूरा हरियाणा गंदगी के ढेर पर बैठा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के शहरों और कस्बों की सड़कों, गलियों तथा मोहल्लों में 10 हजार टन से अधिक कचरा जमा हो चुका है।

विद्रोही ने कहा कि मानसून के मौसम में इतनी बड़ी मात्रा में जमा कचरे से संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। चारों तरफ गंदगी, बदबू, मक्खियों और मच्छरों की भरमार है। इसके कारण लोग पेट संबंधी रोगों, बुखार और मलेरिया जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। दुर्गंध ने आम नागरिकों का जीना दूभर कर दिया है।

रेवाड़ी में करीब 200 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर

विद्रोही ने कहा कि उनके गृह नगर रेवाड़ी में लगभग 200 सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। रेवाड़ी सहित पूरे हरियाणा में शहरी आबादी के अनुपात में सफाई कर्मचारियों की संख्या पहले ही कम है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पिछले 11 वर्षों के कार्यकाल में सफाई कर्मचारियों की एक बार भी नियमित नई भर्ती नहीं हुई। कांग्रेस शासन में भर्ती किए गए अथवा ठेके पर लगे कर्मचारियों के सहारे ही सफाई व्यवस्था चलाई जा रही है, जबकि पिछले दस वर्षों में शहरी आबादी लगभग डेढ़ गुना बढ़ चुकी है। ऐसी स्थिति में पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने के कारण स्वच्छता अभियान की सफलता की उम्मीद करना बेमानी है।

समझौता हुआ, लेकिन अधिसूचना नहीं हुई जारी

विद्रोही ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सफाई कर्मचारी करीब आधा दर्जन बार हड़ताल कर चुके हैं। हर बार सरकार बातचीत करके मांगें मानने और तय समय में समाधान करने का आश्वासन देती है, लेकिन हड़ताल समाप्त होते ही अपने वादे भूल जाती है।

उन्होंने कहा कि 13 मई 2026 को हरियाणा सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच हुए समझौते में 15 दिनों के भीतर मांगों को स्वीकार करके गजट अधिसूचना जारी करने का वादा किया गया था। तीन महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी कारण सफाई कर्मचारी पिछले एक पखवाड़े से प्रदेशभर में हड़ताल पर हैं और सरकार की वादाखिलाफी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।

विद्रोही ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 13 मई के समझौते के अनुसार सफाई कर्मचारियों की मांगों की गजट अधिसूचना तत्काल जारी की जाए, ताकि हड़ताल समाप्त हो और प्रदेशवासियों को गंदगी, दुर्गंध, मक्खी-मच्छरों तथा बीमारियों के खतरे से राहत मिल सके।

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Author: Bharat Sarathi

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