वानप्रस्थ में हर्षोल्लास से मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस

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देशभक्ति के गीतों और विभिन्न राज्यों की वेशभूषा ने साकार किया ‘अनेकता में एकता’ का संदेश

हिसार। वानप्रस्थ सीनियर सिटीजन क्लब में 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह, उल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारंभ ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान से हुआ। तिरंगे की गरिमा और देशभक्तिपूर्ण वातावरण ने उपस्थित सदस्यों को भावविभोर कर दिया।

क्लब के महासचिव डॉ. जे.के. डांग ने सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि देश को आजादी लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद मिली है। इस बहुमूल्य स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना तथा देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने धर्म और जाति से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे एवं सद्भाव को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन करते हुए श्रीमती राज गर्ग ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपनी गौरवशाली संस्कृति, सभ्यता और विरासत को समझकर उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का भी दिन है।

देशभक्ति के गीतों ने बांधा समां

डॉ. आर.के. सैनी के निर्देशन में 20 से अधिक सदस्यों ने समूहगान ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा’ प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। प्रस्तुति के दौरान सभी सदस्य सम्मानपूर्वक खड़े हो गए और कलाकारों का तालियों से अभिनंदन किया।

श्री एस.पी. चौधरी ने अपना स्वरचित ओजपूर्ण गीत ‘भारत मां के वीर सपूतों, अब यह देश बचाना है’ प्रस्तुत कर श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम और उत्साह का संचार किया।

सांस्कृतिक परेड में दिखा लघु भारत

समारोह का मुख्य आकर्षण ‘अनेकता में एकता’ विषय पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में सजे सदस्यों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का सुंदर प्रदर्शन किया।

श्रीमती आदेश मलिक और डॉ. एम.एस. मलिक ने उत्तर प्रदेश की वेशभूषा में वहां के रहन-सहन, खान-पान एवं लोक परंपराओं की जानकारी दी। डॉ. नीलम परुथी ने राजस्थानी वेशभूषा में राजस्थान की रंगीली संस्कृति और लोकजीवन की झलक प्रस्तुत की।

श्रीमती रमा मुंजाल ने पंजाबी वेशभूषा में लोकगीत ‘मधानिया’ सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। डॉ. आर.डी. शर्मा ने पंजाबी गबरू के आकर्षक स्वरूप में लोकप्रिय लोकगीत प्रस्तुत किए, जिन पर सभागार तालियों से गूंज उठा। डॉ. खुराना ने पंजाब की संस्कृति और लोकजीवन से जुड़ी रोचक जानकारियां साझा कीं।

डॉ. आर.पी.एस. खरब ने ठेठ हरियाणवी वेशभूषा में रागनी के अंश प्रस्तुत कर समां बांध दिया। उनका साथ श्री करतार सिंह ने दिया।

डॉ. सुनीता शियोकंद, डॉ. स्नेह लता गोयल और डॉ. संतोष ढिल्लों ने केरल की पारंपरिक वेशभूषा में वहां की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, जीवनशैली एवं खान-पान से परिचित कराया। श्रीमती सुनीता मेहतानी, श्री नवीन मेहतानी और श्रीमती शगुन तायल ने बंगाली गीत के माध्यम से बंगाल की संस्कृति एवं भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। श्री नवीन मेहतानी ने बंगाल से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।

बच्चों के उड़िया नृत्य ने मोहा मन

श्री राज बहादुर आर्य के निर्देशन में बच्चों ने मनमोहक उड़िया नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों की सुंदर वेशभूषा, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और लयबद्ध नृत्य को उपस्थित सदस्यों ने खूब सराहा।

समारोह के अंतिम चरण में डॉ. सुदेश गांधी एवं उनके साथियों ने जोशीली देशभक्ति कव्वाली प्रस्तुत कर वातावरण को ऊर्जा और राष्ट्रप्रेम से भर दिया।

क्लब के प्रधान डॉ. एस.के. अग्रवाल ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। इसे सुरक्षित रखते हुए देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने और युवा पीढ़ी से राष्ट्र की उन्नति में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

डॉ. अग्रवाल ने समारोह को सफल बनाने के लिए आयोजकों, विशेष रूप से डॉ. एम.एस. चौहान एवं श्री अशोक खट्टर सहित सभी सहयोगी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। जलपान और सामूहिक छायाचित्र के साथ समारोह का समापन हुआ।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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