हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के लिए स्पष्ट किए नियम
बदला जा सकेगा स्थायी पता, होम टाउन में नहीं होगा कोई बदलाव
चंडीगढ़, 22 जुलाई-हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार करते हुए सरकारी कर्मचारियों के ‘गृह नगर’ (होम टाउन) और ‘स्थायी पता’ के बीच स्पष्ट अंतर निर्धारित कर दिया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों से राज्य के सभी सरकारी विभागों एवं संस्थानों में तबादलों, नियुक्तियों और कार्मिक प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, एकरूपता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘गृह नगर’ और ‘स्थायी पता’ दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं और आचरण नियमों तथा तबादला एवं नियुक्ति नीतियों के क्रियान्वयन के दौरान इन्हें एक-दूसरे का पर्याय नहीं माना जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी कर्मचारी का गृह नगर सामान्यतः वह गांव या शहर होगा, जहां वह सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले निवास करता था। यह वह स्थान भी हो सकता है, जहां कर्मचारी का परिवार वर्तमान में रहता हो, जहां कर्मचारी को पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के कारण नियमित रूप से जाना पड़ता हो, जहां कर्मचारी अथवा उसके परिवार की आवासीय संपत्ति हो या जहां उसके निकट संबंधी निवास करते हों।
निर्देशों में कर्मचारियों को सरकारी सेवा में आने के बाद नया स्थायी निवास चुनने की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई कर्मचारी विवाह, परिवार के स्थानांतरण अथवा आवासीय संपत्ति खरीदने के बाद किसी नए स्थान पर स्थायी रूप से बस जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से वह उस स्थान को अपना स्थायी पता घोषित कर सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे कर्मचारी के रिकॉर्ड में दर्ज गृह नगर में कोई परिवर्तन नहीं माना जाएगा।
सरकार ने यह भी दोहराया है कि राजपत्रित अधिकारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले में नियुक्त नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अधिकारियों की उनके गृह नगर से बाहर तैनाती करने से रिश्तेदारों, मित्रों अथवा स्थानीय हितों के कारण पक्षपात, हितों के टकराव और अनुचित प्रभाव की संभावना कम होती है।
इससे विशेष रूप से भूमि, कराधान, कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक धन से जुड़े संवेदनशील विभागों में निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, पेशेवर आचरण और प्रशासनिक ईमानदारी सुनिश्चित होती है तथा सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सेवा के दौरान अथवा सेवानिवृत्ति के बाद अपना स्थायी पता बदल सकता है, लेकिन उसके गृह नगर से संबंधित गृह जिला अपरिवर्तित रहेगा। साथ ही, जिन मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले ही गृह नगर अथवा स्थायी पते में परिवर्तन की अनुमति दी जा चुकी है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा।
मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा अन्य सरकारी संस्थानों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भेजे गए हैं।
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, इन निर्देशों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन के रूप में लागू किया जाए तथा इनका अक्षरशः एवं भावना अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाए। इन स्पष्टीकरणों से सर्विस रिकॉर्ड में व्याप्त भ्रम दूर होगा, विभिन्न विभागों में नियमों की एकरूप व्याख्या सुनिश्चित होगी तथा राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था में निष्पक्षता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को और अधिक मजबूती मिलेगी।








