दुर्गंध, मच्छरों और यातायात जाम से कई कॉलोनियों के निवासी परेशान
उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के नाम सौंपा ज्ञापन
गुरुग्राम, 17 सितम्बर (अशोक)। शांति नगर, शिवाजी नगर और लघु सचिवालय के निकट बेरी वाले बाग परिसर में बनाए गए कूड़ाघर से आसपास की कॉलोनियों के निवासियों का जीना दुश्वार हो गया है। समस्या से परेशान नागरिकों ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कूड़ाघर को घनी आबादी वाले क्षेत्र से तत्काल दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में राजीव कॉलोनी, शांति नगर, शिवाजी नगर, ओम नगर, राज नगर और हंस एन्क्लेव सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासी शामिल रहे। नगर निगम के पूर्व पार्षद महेश कुमार, राकेश यादव, तेजपाल वशिष्ठ, टेकराम, परीक्षित, कर्मवीर, सूबेदार देवराज, फकीरचंद सैनी, जहान सिंह बैंसला, राजेंद्र शर्मा, महेश टेकास, महावीर यादव और राजेश शर्मा सहित अनेक नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी।
दो लाख लोगों के प्रभावित होने का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़ाघर के आसपास करीब आधा दर्जन कॉलोनियां और लघु सचिवालय स्थित हैं। कूड़े से उठने वाली दुर्गंध और फैलती गंदगी से लगभग दो लाख की आबादी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रही है। लोगों ने आशंका जताई कि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में महामारी फैल सकती है।
नागरिकों के अनुसार, गंदगी के कारण मक्खियों और मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। इसका सबसे अधिक असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है तथा क्षेत्र में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
सर्विस रोड पर दुर्घटनाओं का खतरा
लोगों ने आरोप लगाया कि सर्विस रोड पर कूड़ा और गंदगी फैली रहने से दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं। इसके चलते कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ को फ्रैक्चर तक हुआ है। दिनभर कूड़े से भरे ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों की आवाजाही के कारण क्षेत्र में यातायात जाम भी लगा रहता है।
स्थानीय निवासियों ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा कूड़ाघर को आबादी से दूर स्थानांतरित करने की अपील की है।
ज्ञापन पर दलीप गुप्ता, राव गजेंद्र सिंह, वेद प्रकाश, अजय कुमार यादव, अत्तर सिंह, हरिओम गुप्ता और संजय भल्ला सहित सैकड़ों क्षेत्रवासियों के हस्ताक्षर हैं।








