एमडीआर को लेकर स्थिति स्पष्ट करे केंद्र सरकार, यूपीआई को पूरी तरह शुल्क-मुक्त रखने की मांग
चंडीगढ़, 17 सितंबर। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने की आशंकाओं पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूपीआई भारत की डिजिटल ताकत बन चुका है। सरकार को ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं करनी चाहिए, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को इस संवेदनशील विषय पर पूरी पारदर्शिता के साथ अपना रुख सामने रखना चाहिए। यदि यूपीआई लेनदेन पर किसी प्रकार का शुल्क लगाने का प्रस्ताव है तो जनहित में उस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। ऐसा कोई भी कदम देश में डिजिटल भुगतान की उस क्रांति को कमजोर कर सकता है, जिसने भारत को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारी पहले ही महंगाई तथा अनेक आर्थिक दबावों का सामना कर रहे हैं। यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाए जाने से उनकी कारोबारी लागत बढ़ेगी और इसका अंतिम भार आम उपभोक्ताओं पर पड़ने की आशंका है। आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में सरकार को जनता और व्यापारियों को राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए, न कि उनकी परेशानी बढ़ाने वाले।
राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार से यूपीआई सेवा को पूरी तरह शुल्क-मुक्त रखने तथा इसकी पहुंच, सुरक्षा और विश्वसनीयता को और मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व्यापारियों, युवाओं, श्रमिकों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज उठाती रहेगी।








