स्कूल, मदरसा, बाल गृह और अस्पताल का किया दौरा
पॉक्सो मामलों, बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था की ली जानकारी

गुरुग्राम, 17 सितंबर- हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति हरिपाल श्योराण ने गुरुवार को बाल संरक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए गुरुग्राम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शीतला कॉलोनी स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया जमातुल-हुदा, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जैकबपुरा, बाल गृह और सिविल अस्पताल, सेक्टर-10 का दौरा कर बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, संस्थागत देखभाल, स्वास्थ्य सेवाओं, पॉक्सो कानून के अनुपालन और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इसके बाद सिविल लाइंस स्थित पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) विश्राम गृह में जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में पॉक्सो मामलों, विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू), लापता एवं बरामद बच्चों, बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और बच्चों के पुनर्वास से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में चेयरपर्सन ने बैगिंग के मामलों की रोकथाम के लिए टास्क फोर्स गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बैगिंग से जुड़े मामलों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तथा बच्चों की पहचान, संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने पॉक्सो मामलों में बच्चों को मिलने वाली राहत समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत एक सप्ताह के भीतर मिल जानी चाहिए। यदि किसी मामले में एक सप्ताह के भीतर राहत नहीं मिलती है तो उसकी जानकारी आयोग को भेजी जाए। साथ ही, हर माह के अंत में आयोग को रिपोर्ट भेजी जाए, जिसमें कितने मामले सामने आए, कितने मामलों में राहत मिल चुकी है और कितने मामले लंबित हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी हो।
तृप्ति हरिपाल श्योराण ने लापता और बरामद बच्चों के मामलों के लिए एक पोर्टल विकसित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर बच्चे से संबंधित मामले में हुई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति की जानकारी अपडेट की जानी चाहिए। इससे परिजन और आमजन अपने मामले की स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसी का बच्चा गुम होने पर परिजनों को मामले की जानकारी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें पोर्टल के माध्यम से आवश्यक जानकारी मिल सके।
मदरसे के निरीक्षण के दौरान बाल सुरक्षा व्यवस्था, पॉक्सो कानून के प्रति जागरूकता, शिकायत एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा की गई। वहीं, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जैकबपुरा में स्कूल स्तर पर बाल संरक्षण, पॉक्सो अनुपालन, शिक्षकों की जागरूकता, शिकायत व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली गई।
बाल गृह के निरीक्षण के दौरान बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। सिविल अस्पताल, सेक्टर-10 में बच्चों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं तथा पॉक्सो मामलों से संबंधित चिकित्सा सहायता की जानकारी ली गई।
बैठक में डीईओ कैप्टन इंदु बोकन, डिप्टी सीएमओ डॉ. विकास, डीईईओ सुमिता रांगी, डिप्टी डीईओ गीता आर्या और सीडीपीओ मुनीश कुमारी मौजूद रहीं।








