मोदी सरकार ने 12 वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया: पर्ल चौधरी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

राहुल गांधी छात्रों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, कांग्रेस शिक्षा और युवाओं के अधिकारों की आवाज उठाती रहेगी

गुरुग्राम/चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की सबसे बड़ी पूंजी—शिक्षा—को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं को “विश्व गुरु” बनाने का दावा करती है, लेकिन उसकी नीतियों ने देश की शिक्षा व्यवस्था की साख को कमजोर किया है।

पर्ल चौधरी ने कहा कि आज़ादी के बाद विभिन्न सरकारों के प्रयासों और सूचना क्रांति के दौर में भारत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों जैसे आईआईटी, एम्स और आईआईएम ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई। भारतीय शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का ही परिणाम है कि आज विश्व की प्रमुख कंपनियों में भारतीय प्रतिभाएं नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला जैसे अनेक भारतीयों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भारत में प्राप्त की और वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में लगभग 200 पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों छात्रों का विश्वास तोड़ दिया है। इससे मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य असुरक्षित हुआ है और शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हुए हैं।

पर्ल चौधरी ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरना देकर छात्रों की आवाज बुलंद की। इस धरने में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री, हरियाणा के सांसद कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, वरुण मुलाना, सतपाल ब्रह्मचारी, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा तथा हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों की महिला कांग्रेस अध्यक्षों ने भाग लेकर छात्रों के संघर्ष के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि आज की प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की आवाज उठाने के लिए वे हर संघर्ष करने को तैयार हैं। पर्ल चौधरी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण और सामाजिक न्याय की स्थापना तक हर महत्वपूर्ण लड़ाई में देश का नेतृत्व किया है और अब देश के युवाओं तथा छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की नींव है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करना और छात्रों के साथ न्याय करना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!