प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य किया गया निर्धारित-मुख्यमंत्री

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वन महोत्सव जनभागीदारी का अभियान बने : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

शहरों में ट्री गार्ड के साथ लगाये जाएंगे पौधे

चंडीगढ़, 21 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी उनकी देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना है। वन महोत्सव केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे समाज की व्यापक भागीदारी से सफल बनाया जाए, ताकि प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री मंगलवार को वन महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने बताया कि इस वर्ष वन महोत्सव के तहत पूरे प्रदेश में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्थानों की पहचान कर ली गई है। इनमें 3400 स्थानों पर वन विभाग द्वारा 1 करोड़ 10 लाख पौधे, जबकि करीब 900 अन्य स्थानों पर विभिन्न विभागों द्वारा 30 लाख पौधे लगाए जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि वन महोत्सव चार चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत 30 जुलाई, 7 अगस्त, 14 अगस्त और 21 अगस्त को पौधारोपण किया जाएगा। प्रत्येक चरण में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। बैठक में राज्य स्तरीय कार्यक्रम की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान में सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) तथा आम नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में ऑक्सिवन परियोजना को लेकर भी चर्चा की गई। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि विभाग नेशनल हाईवे अथॉरिटी से सामंजस्य स्थापित करते हुए हाइवे पर भी पौधारोपण अभियान चलाए, साथ ही शहरों में छोटी जगह पर मियाबांकी स्थापित किए जाए।

उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) इस अभियान में विशेष भूमिका निभाएं और पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर पौधारोपण सुनिश्चित करें। शहरों में ट्री गार्ड के साथ पौधे लगाए जाएं तथा सड़कों के दोनों ओर ऐसे छायादार पौधों का चयन किया जाए, जिनकी ऊंचाई नियंत्रित रहे और जो शहरी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हों। इसके अलावा बड़े एवं खुले चौराहों तथा सार्वजनिक स्थलों पर भी पौधारोपण किया जाए, ताकि शहरों की सुंदरता और हरियाली दोनों बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के प्रवेश द्वारों को भी हरियाली से आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यमुनानगर में प्रस्तावित मैराथन के दौरान भी विशेष पौधारोपण अभियान चलाया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस बार लगाए जाने वाले सभी पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी, ताकि उनकी स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा सके और देखभाल सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएलबी वार्ड समितियों के साथ समन्वय स्थापित करें और उन्हें भी पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करें। इसके अलावा शिक्षा विभाग, स्कूलों के विद्यार्थियों, स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) तथा अभिभावकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा हो। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विधायक, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि भी पौधारोपण कार्यक्रमों में भाग लेंगे और लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल हो, ताकि वे सुरक्षित रहें और उनका लाभ हो सके।

बैठक के दौरान पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्रा कुमार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज यादव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त और सचिव श्री अशोक मीणा, नागरिक उड्डयन हरियाणा के महानिदेशक श्री अशंज सिंह, हरियाणा वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. के.सी. मीणा,  मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बीबी भारती, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन चौधरी भी मौजूद थे।

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Author: Bharat Sarathi

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