
गुरुग्राम, 21 जुलाई। मंगलवार को हुई तेज बारिश ने गुरुग्राम के आईडीसी औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। भारी जलभराव के कारण क्षेत्र की कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और अनेक फैक्ट्रियों के भीतर तक पानी घुस गया। इससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और उद्यमियों को कामकाज रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा।

आईडीसी के प्रधान धर्मसागर ने उद्यमियों सुनील दत्ता, विजय टंडन, देवेंद्र जैन, प्रवीण वर्मा और तरुण खन्ना के साथ बताया कि जलभराव के कारण कई फैक्ट्रियों में महंगी मशीनों का संचालन प्रभावित हुआ। साथ ही तैयार माल और कच्चे माल के खराब होने की आशंका से उद्योगों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की कई सड़कों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए खोदा गया है। बारिश का पानी भर जाने से यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
उद्यमियों का कहना है कि आईडीसी प्रदेश के राजस्व और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है, लेकिन इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन प्रशासन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं कर पाया है।
बारिश के बाद हजारों कामगारों को घुटनों तक भरे पानी से होकर फैक्ट्रियों तक पहुंचना पड़ा। जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल आने-जाने वाले कर्मचारियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
उद्यमियों और स्थानीय औद्योगिक एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि आईडीसी क्षेत्र में तत्काल जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था की जाए, जर्जर नालों की सफाई और मरम्मत कराई जाए तथा हर वर्ष होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।








