AIDYO और AIUTUC ने केंद्र सरकार पर छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA को भंग करने की मांग उठाई।

गुरुग्राम, 21 जुलाई। जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और अभिभावकों पर कथित लाठीचार्ज एवं आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में मंगलवार को गुरुग्राम के लक्ष्मण विहार में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO) और ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC) के संयुक्त तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए AIDYO के हरियाणा राज्य संयोजक बलवान सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। उनका आरोप था कि सरकार दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि छात्र जब परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च कर रहे थे, तब उन पर बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए।
प्रदर्शन को AIDYO के जिला सचिव राजेश कुमार तथा AIUTUC के जिला सचिव श्रवण कुमार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन AIDYO के जिला उपाध्यक्ष वजीर सिंह ने किया।
प्रमुख मांगें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें।
- आंदोलन के दौरान गिरफ्तार सभी छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
- लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग कर पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
- भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अंत में बलवान सिंह ने कहा कि यह संघर्ष केवल छात्रों का नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि AIDYO छात्रों की मांगों के समर्थन में आगे भी आंदोलन जारी रखेगा।








