गेहूँ व सरसों खरीद की नई शर्तों पर किसानों में रोष

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सरकार से शर्तें तुरंत वापस लेने की मांग

गुरुग्राम, 30 मार्च 2026। संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने हरियाणा सरकार द्वारा रबी सीजन में गेहूँ और सरसों की सरकारी खरीद के लिए लागू की गई नई शर्तों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इन नई व्यवस्थाओं से किसानों में भारी असंतोष है और खरीद प्रक्रिया सरल होने के बजाय और अधिक जटिल व बाधापूर्ण बन गई है।

चौधरी संतोख सिंह ने बताया कि मंडियों में फसल लाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर स्पष्ट नंबर अंकित करना, उसकी फोटो लेकर पोर्टल पर अपलोड करना और उसके बाद ही गेटपास जारी करने जैसी शर्तें व्यावहारिक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश छोटे किसान किराए के वाहनों पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में हर बार यह प्रक्रिया पूरी करना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में फसल लाने का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करना किसानों के लिए नई परेशानी खड़ी करेगा। कटाई के सीजन में किसान दिन-रात फसल मंडियों तक पहुंचाते हैं। ऐसे में समय-सीमा लागू होने से लंबी कतारें लगने, परिवहन लागत बढ़ने और फसल खराब होने की आशंका बढ़ जाएगी।

“मेरी फसल मेरा ब्यौरा” योजना के तहत बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य बनाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना है कि कटाई के समय किसान खेतों में व्यस्त रहता है और हर बार मंडी में उपस्थित होना संभव नहीं होता। इसके अलावा इंटरनेट कनेक्टिविटी और बायोमेट्रिक त्रुटियों जैसी तकनीकी समस्याएं भी प्रक्रिया को बाधित कर सकती हैं।

चौधरी संतोख सिंह ने सरकार से मांग की कि इन जटिल और किसान-विरोधी शर्तों को तुरंत वापस लिया जाए और खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसान और खेत मजदूर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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Author: Bharat Sarathi

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