चंडीगढ़, 14 अगस्त । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अम्बाला के ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में सरकार से निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से कदम उठाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले को पुलिसबल, लाठीचार्ज, मुकदमों की बजाए, आपसी संवाद, संयम और सद्भावना से सुलझाया जाना चाहिए।
हुड्डा ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि ये सरकार तत्परता और संजीदगी से कार्रवाई ना करके, कानून व्यवस्था के मामलों को जातीय और सांप्रदायिक रूप दे देती है। गुरुद्वारे में हुए टकराव को भी इसीलिए जानबूझकर लंबा खींचा गया और सरकार ने इसकी गंभीरता को समझे बिना एकतरफा कार्रवाई की। प्रदर्शन के दौरान सिख संगत के अनेक लोग घायल हुए हैं, पुलिसकर्मी भी घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है। लेकिन अब बीजेपी सरकार को इस टकराव को आगे बढ़ाने के बजाय ।सिख संगत हरियाणा, सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यों और किसानों पर दर्ज मामलों को वापिस लेना चाहिए ।
गाड़ी के नीचे कुचले जाने के दुःखद हादसे में प्रशासन ने गाड़ी में सवार व्यक्ति और चालक के खिलाफ उस समय कानूनी एक्शन नहीं लिया। इसके विरुद्ध प्रदर्शन करने वाले लोगों से आमने-सामने बैठकर विस्तृत चर्चा करने की बजाए, उनके खिलाफ बल-प्रयोग किया गया। इसके चलते मामला लगातार बड़ा होता चला गया और हरियाणा से लेकर पंजाब तक में तनाव के हालात बन गए।
हुड्डा ने कहा कि गुरुद्वारों में किसी भी तरह के टकराव को रोकने और सिख संगत में विश्वास बहाली के लिए कांग्रेस ने हरियाणा की अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी बनाई थी। इसके चलते कई तरह के विवाद सुलझे और गुरुद्वारों में टकराव की घटनाएं बंद हो गईं।








