चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर उठाए सवाल, मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग
रेवाडी, 29 सितंबर। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आमजन से लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया है। उन्होंने कथित ‘वोट चोरी और सीट चोरी’ के खिलाफ चल रहे आंदोलन का समर्थन करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
विद्रोही ने कहा कि लोकतंत्र का मूल आधार मतदाता का वोट देने का अधिकार है। यदि इसी अधिकार पर सवाल खड़े होने लगें तो चुनाव की निष्पक्षता और जनादेश की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में नागरिकों के नाम हटाए जा रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
मतदाता सूचियों में बदलाव पर सवाल
विद्रोही ने दावा किया कि देशभर में लगभग 13 करोड़ और हरियाणा में 33 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है और चुनाव संबंधी नियमों में मनमाने बदलाव किए जा रहे हैं। विद्रोही ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए ऐसे आरोपों पर स्पष्ट और तथ्यपूर्ण जवाब जरूरी है।
असहमति के मुद्दों पर मांगा जवाब
विद्रोही ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले दस माह में मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली पर 14 आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने कहा कि इन कथित असहमति टिप्पणियों में उठाए गए विषयों पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
उनके अनुसार, चुनाव आयोग और भाजपा ने संबंधित आरोपों को गलत बताया है। हालांकि, विद्रोही ने आयोग की बैठक के बाद जारी मीडिया बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आरोप निराधार थे तो भविष्य में नियमों और कार्यशैली में बदलाव की बात क्यों कही गई। उन्होंने इसे अपनी आपत्तियों के समर्थन में प्रस्तुत किया।
जनभागीदारी का आह्वान
विद्रोही ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चुनावी अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से जवाब देने के बजाय भाजपा नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के बचाव में क्यों सामने आ रहे हैं।
विद्रोही ने आमजन से अपील की कि मताधिकार की रक्षा, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनादेश की पवित्रता बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएं।








