पंजोखरा साहिब घटना की न्यायिक जांच हो, मुख्यमंत्री नायब सैनी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें – राव नरेंद्र सिंह
भाजपा की हिंदू-सिख भाईचारे को कमजोर करने की साजिश कभी कामयाब नहीं होगी : राव नरेंद्र सिंह
चंडीगढ़, 14 अगस्त 2026। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अंबाला स्थित पवित्र गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के बाहर हुई घटना के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही सिख संगत और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार जगदीश सिंह झींडा पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा की हिंदू-सिख भाईचारे को समाप्त करने की साजिश कभी कामयाब नहीं होगी।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के बाहर हुई घटना के बाद सिख संगत और एसजीपीसी द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। ऐसे में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना और आंसू गैस के गोले छोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, दमनकारी और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर की गई।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले सिख समाज की आवाज को पुलिसिया बल प्रयोग के जरिए दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता गुरसिमरन मंड को बचाने के लिए सरकार द्वारा पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे गंभीर और चिंताजनक बात यह है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उस बस (पालकी साहिब) में भी तोड़फोड़ की गई, जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सुशोभित होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह सिख धार्मिक मर्यादाओं और आस्था का गंभीर अपमान है, जिसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार को धार्मिक आस्था और सामाजिक भाईचारे से जुड़े मामलों में अत्यंत संवेदनशीलता और संयम के साथ कार्य करना चाहिए, न कि दमन और बल प्रयोग का रास्ता अपनाना चाहिए। हिंदू और सिख समाज सदियों से एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी रहे हैं और भाजपा की कोई भी राजनीतिक साजिश इस भाईचारे को कमजोर नहीं कर सकती।
राव नरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी राजनीतिक प्रभाव या दबाव में किसी आरोपी को संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार को सिख संगत की आवाज दबाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कार्रवाई का राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस सामाजिक भाईचारे, धार्मिक सद्भाव और संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।”








