एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में जिला एचआईवी टास्क फोर्स की बैठक

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एचआईवी जांच, उपचार, मरीजों की लिंकिंग और फॉलोअप को मजबूत करने के निर्देश

गुरुग्राम, 29 सितंबर- एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास सदन स्थित एडीसी कार्यालय में जिला एचआईवी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। बैठक में युवाओं के लिए एचआईवी और एसटीआई से संबंधित गोपनीय जानकारी एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने वाले ‘ब्रेक फ्री’ ऐप के बारे में जानकारी दी गई। ऐप के माध्यम से एचआईवी और एसटीआई से संबंधित जानकारी, जोखिम का आकलन तथा नजदीकी जांच और उपचार केंद्रों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बैठक में जिले में एचआईवी जांच, उपचार, मरीजों को उपचार सेवाओं से जोड़ने और फॉलोअप को मजबूत करने के संबंध में भी जानकारी ली गई।

बैठक में 95:95:95 लक्ष्य के तीन प्रमुख चरणों की जानकारी दी गई। पहले 95 के तहत एचआईवी के साथ जी रहे 95 प्रतिशत लोगों को अपनी एचआईवी स्थिति की जानकारी होना, दूसरे 95 के तहत एचआईवी से संक्रमित लोगों में से 95 प्रतिशत को नियमित एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) उपचार मिलना तथा तीसरे 95 के तहत एआरटी ले रहे 95 प्रतिशत लोगों का वायरल लोड नियंत्रित स्तर पर होना शामिल है। एडीसी ने इन लक्ष्यों की दिशा में जांच, उपचार और फॉलोअप सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।

बैठक में आईसीटीसी से एआरटी सेंटर तक मरीजों की लिंकिंग, एआरटी उपचार में नियमितता, उपचार छोड़ चुके या लंबे समय से संपर्क में नहीं रहे मरीजों की पहचान कर उन्हें दोबारा उपचार से जोड़ने तथा वायरल लोड की नियमित मॉनिटरिंग पर जानकारी ली गई। एचआईवी जांच के दौरान सामने आने वाले मामलों को समय पर उपचार सेवाओं से जोड़ने और मरीजों के फॉलोअप की व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एचआईवी की रोकथाम से जुड़े कार्यक्रमों, टारगेटेड इंटरवेंशन (टीआई), प्रमुख जोखिम वाले समूहों के लिए सेवाओं, एसटीआई/आरटीआई सेवाओं और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता गतिविधियों की भी जानकारी ली गई। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में एचआईवी जांच करवाने, मां से बच्चे में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, शिशुओं की प्रारंभिक जांच तथा मां और बच्चे को उपचार एवं देखभाल सेवाओं से जोड़ने संबंधी जानकारी दी गई।

एडीसी सोनू भट्ट ने एचआईवी से संबंधित जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़े भेदभाव को कम करने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों की एचआईवी रोकथाम, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, सामाजिक सुरक्षा एवं सहयोग उपलब्ध कराने में भूमिका को लेकर भी जानकारी ली गई। जिला स्तर पर कमियों को चिन्हित कर विभागवार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला एड्स कंट्रोल अधिकारी डॉ. मोनिका यादव, आईसीटीसी/एआरटी प्रभारी डॉ. अरुण कुमार, एसएमओ फरुखनगर डॉ. कृष्णा मलिक, एचएसएसीएस से सोमेश, एआरटी गुरुग्राम के काउंसलर अमित कुमार तथा आईसीटीसी गुरुग्राम की काउंसलर शिखा गर्ग सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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