मछली एवं झींगा पालन इकाइयों को बिजली दरों में बड़ी राहत, 40 किलोवाट तक मिलेगा ₹4.75 प्रति यूनिट टैरिफ

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*एमडी विक्रम सिंह के नेतृत्व में उपभोक्ता हित में महत्वपूर्ण पहल, गैर-कृषि फीडर से जुड़े पात्र उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ*

गुरुग्राम, 22 अगस्त 2026। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के नेतृत्व में डीएचबीवीएन द्वारा उपभोक्ता सुविधाओं, पारदर्शी बिलिंग और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मछली (मत्स्य) एवं झींगा पालन से जुड़े उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की है। प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, आईएएस के नेतृत्व में उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देते हुए गैर-कृषि फीडर से बिजली प्राप्त करने वाली मत्स्य एवं झींगा पालन इकाइयों के लिए रियायती बिजली दर का दायरा 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट कर दिया गया है।

यह निर्णय वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। इसके तहत गैर-कृषि फीडर से जुड़े 20 किलोवाट से अधिक तथा 40 किलोवाट तक के लोड वाली पात्र मत्स्य एवं झींगा पालन इकाइयां भी एग्रो इंडस्ट्रीज एफपीओ टैरिफ का लाभ उठा सकेंगी। सामान्य लागू टैरिफ ₹6.60 प्रति यूनिट के मुकाबले पात्र उपभोक्ताओं को ₹4.75 प्रति यूनिट की रियायती दर मिलेगी।

बिजली बिल में सब्सिडी की राशि भी होगी प्रदर्शित

डीएचबीवीएन ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में आवश्यक प्रावधान करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क के साथ-साथ फिक्स्ड चार्ज पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि भी उनके बिजली बिल में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो सके।

सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि इस रियायत के कारण निगम पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। आईटी विंग को सब्सिडी से संबंधित विवरण नियमित रूप से मुख्य वित्त अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने तथा सीएफओ कार्यालय को वित्त विभाग, हरियाणा सरकार से प्रतिपूर्ति की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मछली एवं झींगा पालन क्षेत्र को मिलेगा प्रोत्साहन

डीएचबीवीएन का यह निर्णय प्रदेश में मछली एवं झींगा पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ इस क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों की बिजली लागत कम करने में सहायक होगा। रियायती टैरिफ का लाभ मिलने से छोटे एवं मध्यम स्तर की मत्स्य पालन इकाइयों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है।

डीएचबीवीएन द्वारा जारी सेल्स सर्कुलर के अनुसार, अब 40 किलोवाट तक लोड वाली पात्र मत्स्य एवं झींगा पालन इकाइयों को एग्रो इंडस्ट्रीज एफपीओ श्रेणी के तहत ₹4.75 प्रति यूनिट की रियायती दर से बिजली उपलब्ध होगी। इससे पहले यह सुविधा 20 किलोवाट तक के लोड वाली इकाइयों के लिए ही लागू थी।

निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित प्रावधानों की जानकारी पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाने तथा तत्काल प्रभाव से इनका पूर्ण एवं सावधानीपूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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