बेहरामपुर एसटीपी के ट्रीटेड पानी से भोंडसी में हरियाली, गांवों के तालाब होंगे लबालब

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*करीब 27 एमएलडी सीवरेज ट्रीटेड पानी का होगा पुन: उपयोग, तीन पाइपलाइन तैयार; डीएस ढेसी ने पानी की गुणवत्ता जांच के दिए निर्देश*

*गुरुग्राम, 20 अगस्त*। गुरुग्राम में पीने के पानी की बचत और सीवरेज ट्रीटेड पानी के अधिकतम पुन: उपयोग की दिशा में अहम पहल की गई है। बेहरामपुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी ) से निकलने वाले करीब 27 एमएलडी ट्रीटेड पानी का उपयोग अब भोंडसी स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी), गैरतपुर बास और टिकली क्षेत्र में हरियाली विकसित करने, बागवानी कार्यों तथा तालाबों को भरने के लिए किया जाएगा। इसके लिए बेहरामपुर एसटीपी से तीन अलग-अलग पाइपलाइन बिछाई गई हैं।

इस संबंध में गुरुग्राम स्थित लघु सचिवालय में प्रधान सलाहकार, शहरी विकास, हरियाणा श्री दीपेंद्र सिंह ढेसी की अध्यक्षता में आयोजित समन्वय बैठक में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी। श्री ढेसी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि तीनों स्थानों पर पहुंचाए जाने वाले ट्रीटेड पानी के नमूने लिए जाएं और उनकी गुणवत्ता की निर्धारित मानकों के अनुसार जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रीटेड पानी का उपयोग पर्यावरणीय सुरक्षा और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए किया जाना चाहिए।

*पीटीसी भोंडसी में 18 एमएलडी पानी का होगा इस्तेमाल*

अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा बेहरामपुर एसटीपी से पीटीसी भोंडसी तक 7.6 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके माध्यम से प्रतिदिन करीब 18 एमएलडी ट्रीटेड पानी पीटीसी भोंडसी परिसर में पहुंचाया जाएगा। इस पानी का उपयोग पौधों की सिंचाई, परेड ग्राउंड के विकास एवं रखरखाव, अन्य बागवानी कार्यों तथा घोड़ों के अस्तबल में किया जाएगा।

500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले पीटीसी भोंडसी परिसर में बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता हरियाली और अन्य सुविधाओं के रखरखाव के लिए होती है। ट्रीटेड पानी को परिसर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के लिए हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा आंतरिक वितरण नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इस कार्य को 28 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

गैरतपुर बास के 11 तालाबों में पहुंचेगा पानी

इसी प्रकार, जीएमडीए द्वारा बेहरामपुर एसटीपी से गैरतपुर बास तक पाइपलाइन बिछाई गई है। इस पाइपलाइन के माध्यम से रास्ते में आने वाले तथा गांव तक स्थित 11 तालाबों को ट्रीटेड पानी से भरा जाएगा। इस व्यवस्था से करीब 4 एमएलडी ट्रीटेड पानी का उपयोग होने की उम्मीद है।

इसी प्रकार, सिंचाई विभाग द्वारा बेहरामपुर एसटीपी से टिकली गांव तक करीब 9 किलोमीटर लंबी तीसरी पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके माध्यम से करीब 5 एमएलडी ट्रीटेड पानी का उपयोग तीन तालाबों को भरने में किया जाएगा।

*27 एमएलडी पानी के पुन: उपयोग से होगी बड़ी बचत*

तीनों परियोजनाओं के माध्यम से कुल करीब 27 एमएलडी ट्रीटेड पानी का पुन: उपयोग किया जाएगा। इससे इतनी ही मात्रा में पीने योग्य पानी की बचत होगी, जो अन्यथा बागवानी, हरित क्षेत्रों के रखरखाव और तालाबों को भरने जैसे कार्यों में इस्तेमाल किया जाता।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पीसी मीणा ने कहा कि यह पहल सीवरेज ट्रीटेड पानी के अधिकतम और उत्पादक पुन: उपयोग की दिशा में किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इससे गैर-पेयजल जरूरतों के लिए ताजे पानी पर निर्भरता कम होगी और उपलब्ध पेयजल संसाधनों का उपयोग अधिक आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सकेगा।

ट्रीटेड पानी के उपयोग से गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने तथा जलाशयों के पुनर्जीवन में भी मदद मिलेगी। बागवानी और तालाबों के लिए पुनर्चक्रित पानी के इस्तेमाल से जल संरक्षण के साथ-साथ शहर में अधिक टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल जल प्रबंधन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में श्री ढेसी ने ट्रीटेड पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीवरेज ट्रीटेड पानी का पुन: उपयोग तभी प्रभावी और सुरक्षित होगा, जब उसकी गुणवत्ता की वैज्ञानिक तरीके से जांच और निगरानी सुनिश्चित की जाए।

गुरुग्राम में बढ़ते शहरीकरण और पानी की बढ़ती मांग के बीच बेहरामपुर एसटीपी के ट्रीटेड पानी का यह पुन: उपयोग वेस्टवॉटर को रिसोर्स के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में शहर के अन्य गैर-पेयजल कार्यों में भी ट्रीटेड पानी के उपयोग को बढ़ावा देने का रास्ता प्रशस्त होगा।

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Author: Bharat Sarathi

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