एआईयूटीयूसी ने किया आंदोलन का समर्थन, सरकार से तत्काल बकाया भुगतान और स्थायी व्यवस्था की मांग
सोनीपत, 20 अगस्त। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां के नियमित व ठेका कर्मचारियों तथा शिक्षकों को तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार मांग उठाने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर कर्मचारियों और शिक्षकों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) की हरियाणा प्रदेश कमेटी ने आंदोलन का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार से तत्काल बकाया वेतन जारी करने की मांग की है।
एआईयूटीयूसी के प्रदेश सचिव हरिप्रकाश ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि तीन महीने तक वेतन रोकना कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ अन्याय है। वेतन पर निर्भर परिवारों के सामने घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और ऋण की किस्तों जैसी जिम्मेदारियां पूरी करने का संकट पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और हरियाणा सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर समस्त बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करें। भविष्य में वेतन नियमित रूप से मिले, इसके लिए पुख्ता एवं स्थायी व्यवस्था भी बनाई जाए।
सफाई कर्मचारियों की मांगों का भी समर्थन
हरिप्रकाश ने प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों के संघर्ष का भी समर्थन किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से बातचीत कर बिना देरी उनकी जायज मांगों का समाधान किया जाए।
निर्माण मजदूर की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग
एआईयूटीयूसी ने सोनीपत में बोरे में एक व्यक्ति का शव मिलने की घटना पर रोष जताते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में मृतक के दिल्ली में भवन निर्माण मजदूर के रूप में काम करने तथा लेंटर गिरने से उसकी मौत होने की बात सामने आई है।
हरिप्रकाश ने कहा कि घटना को केवल दुर्घटना मानकर बंद नहीं किया जाना चाहिए। मृत्यु की वास्तविक परिस्थितियों और हत्या की आशंका सहित प्रत्येक पहलू की गहन जांच होनी चाहिए। जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और यदि जांच में हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण मजदूर लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। सरकार और प्रशासन को सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
मृतक के परिवार को 21 लाख रुपये देने की मांग
संगठन ने दिल्ली सरकार से मृतक मजदूर के परिवार को कम से कम 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। इसके साथ ही परिवार के भरण-पोषण और भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई।
हरिप्रकाश ने बताया कि मजदूरों, कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े इन मुद्दों को 26 अक्टूबर को रोहतक में प्रस्तावित किसान-मजदूर-छात्र-युवा-महिला महापंचायत में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने मजदूरों, कर्मचारियों, किसानों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों से महापंचायत को सफल बनाने की अपील की।








