मांगों के आदेश जारी नहीं, निकाय कर्मचारियों की हड़ताल 14वें दिन भी जारी

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21 अगस्त तक नोटिफिकेशन जारी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

1,175 फायरमैन और 13 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग

गुडग़ांव, 19 अगस्त (अशोक)। हरियाणा सरकार द्वारा मानी गई मांगों के क्रियान्वयन संबंधी आदेश जारी नहीं किए जाने के विरोध में नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल बुधवार को 14वें दिन भी जारी रही।

हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि जब तक 13 मई के समझौते के तहत पे-रोल के 1,175 फायरमैनों और निकायों के 13 हजार कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने तथा अन्य स्वीकृत मांगों के नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

11 वर्षों में एक भी सफाईकर्मी की पक्की भर्ती नहीं

राज्य उपप्रधान बसंत कुमार, जिला प्रधान साहून खान, सम्मी बोहत, पूर्व जिला प्रधान राजेश कुमार और फायर जिला सचिव सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने एक भी सीवरमैन या सफाई कर्मचारी की नियमित भर्ती नहीं की। सफाई व्यवस्था को ठेके पर देकर कर्मचारियों से कम वेतन में अधिक काम कराया जा रहा है। उन्होंने इसे वाल्मीकि समाज के गरीब सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों पर निर्भर बनाए रखने की कोशिश बताया।

सफाई और सीवर कर्मचारियों से भेदभाव क्यों?

कर्मचारी नेताओं ने सवाल उठाया कि जब 30 जून 2022 के निर्देशों के तहत अन्य विभागों के कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा से मुक्त कर हरियाणा कौशल रोजगार निगम में समायोजित किया गया, तो सफाई और सीवर कर्मचारियों को अब भी ठेकेदारों के अधीन क्यों रखा गया है?

हड़ताल स्थल पर द्रोण रेहड़ी-पटरी के संयोजक राजेंद्र सरोहा, सीटू के जिला प्रधान सुरेश नोहरा, सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक सचिव महेश कुमार और टूरिज्म नेता वेदपाल ने अपनी टीमों के साथ पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।

21 अगस्त के बाद आंदोलन तेज करने की तैयारी

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 21 अगस्त तक मांगों के क्रियान्वयन संबंधी आदेश जारी नहीं किए गए तो नगरपालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन हड़ताल को अनिश्चितकालीन रूप देने के लिए मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।

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Author: Bharat Sarathi

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