एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह तथा अतिरिक्त निगम आयुक्त अंकिता चौधरी की सह-अध्यक्षता में कलाग्राम की वार्षिक गतिविधियों को लेकर बैठक

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हरियाणा की कला-संस्कृति और स्थानीय कलाकारों को मिले प्राथमिकता : वैशाली सिंह

शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर नई प्रतिभाओं को दें नियमित मंच : अंकिता चौधरी

गुरुग्राम, 19 अगस्त। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण गुरुग्राम की प्रशासक वैशाली सिंह तथा नगर निगम गुरुग्राम की अतिरिक्त आयुक्त अंकिता चौधरी की सह-अध्यक्षता में कलाग्राम की आगामी वार्षिक गतिविधियों, स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने, युवाओं एवं विद्यार्थियों को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने तथा संस्थान की गतिविधियों के विस्तार को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलाग्राम की निदेशक शिखा गुप्ता सहित कलाग्राम बोर्ड के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान कलाग्राम की वर्तमान गतिविधियों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में वैशाली सिंह ने कहा कि कलाग्राम की वार्षिक गतिविधियों का कैलेंडर इस प्रकार तैयार किया जाना चाहिए, जिसमें हरियाणा की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि कलाग्राम केवल कार्यक्रम आयोजित करने का स्थान न होकर स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान, प्रशिक्षण और प्रस्तुति का अवसर देने वाला प्रभावी मंच बने। उन्होंने नियमित गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों के साथ दीर्घकालिक जुड़ाव विकसित करने, उनके हुनर को बड़े मंच तक पहुंचाने तथा हरियाणवी कला एवं संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कलाग्राम की गतिविधियों को नियमित और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए वार्षिक कैलेंडर पहले से तैयार किया जाए, ताकि संबंधित विभागों, शिक्षण संस्थानों, कलाकारों और सहयोगी संस्थाओं के साथ समय रहते समन्वय स्थापित किया जा सके।

अतिरिक्त निगम आयुक्त अंकिता चौधरी ने कहा कि कलाग्राम को शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों और नई प्रतिभाओं को नियमित रूप से मंच प्रदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों के विद्यार्थियों में कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करने के लिए संगीत, नृत्य, नाटक, लोक कला सहित विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण एवं प्रस्तुति के अवसर दिए जा सकते हैं। इसके लिए विद्यालयों के साथ गतिविधियों का पूर्व निर्धारित कैलेंडर साझा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को समय रहते कार्यक्रमों की जानकारी मिल सके और वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों और विद्यार्थियों के बीच निरंतर संवाद स्थापित करने से प्रतिभाओं को निखारने में मदद मिलेगी। इसके लिए कलाग्राम के साथ जुड़े कलाकारों के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा सकते हैं तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चों की कुछ माह बाद प्रस्तुति आयोजित कर उन्हें मंच प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में शिक्षा विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलाग्राम की निदेशक शिखा ने संस्थान की गतिविधियों और प्रमुख आवश्यकताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कलाग्राम द्वारा नियमित रूप से ‘चाय चौपाल’, ‘फुरसत के पल’ तथा अन्य सांस्कृतिक एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को मंच देने और आमजन को कला एवं संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शिखा ने बताया कि कलाग्राम का उद्देश्य गुरुग्राम के स्थानीय एवं उत्कृष्ट कलाकारों के साथ दीर्घकालिक संबंध स्थापित करना है, ताकि वे केवल किसी एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर वापस न जाएं, बल्कि नियमित गतिविधियों का हिस्सा बनें। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में अनेक प्रतिभाशाली शास्त्रीय एवं लोक कलाकार हैं, जिनकी विशेषज्ञता का लाभ बच्चों और स्थानीय प्रतिभाओं को दिया जा सकता है।

बैठक में सीटीएम ज्योति नागपाल, कलाग्राम बोर्ड के सदस्य डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार, डीईओ कैप्टन इंदु बोकन, डीएसओ आरती कोहली, जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव विकास कुमार, सीडीपीओ मुनीश कुमारी, प्रोफेसर मीनाक्षी पांडे, सीमा सेठ, प्रीति मिश्रा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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