वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब ने धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस
सदस्यों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुतियों से बांधा समां
पंजाबी समाज पर टिप्पणी से भड़का आक्रोश, केंद्रीय राज्यमंत्री से भाषा पर संयम बरतने की नसीहत

गुरुग्राम। वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की गुरुग्राम इकाई ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में न्यू कॉलोनी स्थित गीता भवन के प्रांगण में देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्रधान एवं फोरबा के चेयरमैन धर्मसागर ने की।
धर्मसागर ने सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘‘ना पूछो जमाने से कि क्या हमारी कहानी है, हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिंदुस्तानी हैं। कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है।’’
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के स्वाभिमान और आजादी के लंबे संघर्ष का प्रतीक है, जिसकी नींव में अनगिनत बलिदान छिपे हैं। नेताजी सुभाषचंद्र बोस, शहीद-ए-आजम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल और महात्मा गांधी सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग से देश को आजादी मिली। उनके ऋण को चुकाया नहीं जा सकता, लेकिन उनके पदचिह्नों पर चलकर देशसेवा का संकल्प अवश्य लिया जा सकता है। समाज में सौहार्द और भाईचारा कायम रखना तथा बुजुर्गों का सम्मान करना भी देशभक्ति है।
देशभक्ति के गीतों से गूंजा परिसर
कार्यक्रम में वीणा श्रीवास्तव ने ‘तेरी मिट्टी में मिल जावां’, रमेश धवन ने ‘हिंदी का हिंदुस्तान जगो’, गौतम शर्मा ने ‘हमारी नदी है गंगा, हमारा देश है भारत’, चंद्रप्रकाश चौधरी ने ‘एक सहारा तेरा प्रभु’ और जगदीश अरोड़ा ने ‘कर चले हम फिदा’ गीत प्रस्तुत किया।
जगदीश गुलाटी ने ‘श्याम मेरे आ जा रे’, गायिका पूनम रावा ने ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’ और ‘रैना बीत जाए’, मदनलाल डूडेजा ने ‘ऐ वतन, ऐ वतन’, एमआर कुमार ने ‘आजादी की कभी शाम न होने देंगे’ तथा गायक हरीश ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ और ‘कृपा करो श्रीराम’ गीत सुनाकर समां बांध दिया।
मंच संचालन करते हुए डीएन कवातरा ने देशभक्ति की पंक्तियों के माध्यम से शहीदों को नमन किया। कमला शर्मा ने हाथों में तिरंगा लेकर स्वतंत्रता दिवस का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि असंख्य वीरों के बलिदान से मिली आजादी को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम और देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों के बारे में अवश्य बताया जाना चाहिए।
पंजाबी समुदाय पर टिप्पणी को लेकर जताया विरोध
कार्यक्रम के दौरान लेजरवैली मैदान में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा पंजाबी समुदाय के संबंध में की गई कथित टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई गई। वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब के प्रधान धर्मसागर और समाजसेवी लक्ष्मीनारायण ने टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की।
केंद्रीय श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान सुरेंद्र खुल्लर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में प्रतिवर्ष विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की घोषणा की थी। इसके बाद से पंजाबी बिरादरी महासंगठन और पंचनद की ओर से लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विभाजन की त्रासदी से जुड़े लोगों की स्मृति में स्मारक बनाने के लिए हरिद्वार में 35 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है तथा लोग इसके निर्माण में आर्थिक सहयोग भी कर रहे हैं।
खुल्लर ने कहा कि इतने बड़े पद पर बैठे जनप्रतिनिधि को किसी भी समाज के बारे में टिप्पणी करते समय भाषा पर संयम रखना चाहिए। चुनाव के समय पंजाबी समाज को याद किया जाता है, जबकि इस समुदाय ने हमेशा देशहित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने पंजाबी समुदाय के लोगों से जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा पंजाबी अवश्य दर्ज कराने और अपनी भाषा एवं सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का आग्रह किया।
इस अवसर पर रमेश वशिष्ठ, एचएस चावला, सीएस आहूजा, महेश नागपाल, नवीन कपूर, नरेश बुद्धिराजा, एमके भारद्वाज, आरबी लाल, एमपी दुबे, चेतनदास ग्रोवर, जगदीश गुलाटी, जेके अरोड़ा, बलदेव सचदेवा, एसएन आनंद, कमलाराम, इंद्राणी शर्मा, पुष्पलता, विमला मनचंदा, हरीश सरदाना, आरसी धवन, एफसी चुघ, एलडी बवेजा, एमएम गांधी और बीआर मेहता सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।








