योग्यता और मेहनत ही नए हरियाणा की पहचान, किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे की उड़ान संसाधनों की कमी से नहीं रुकेगी: मुख्यमंत्री 

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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अंबाला में उत्कृष्ट शिक्षा पुरस्कार-2026 समारोह में 250 से अधिक विद्यार्थियों को किया सम्मानित 

मुख्यमंत्री ने कहा, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका, शिक्षा में पारदर्शिता, आधुनिक तकनीक और समान अवसर सरकार की प्राथमिकता

चंडीगढ़, 5 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हरियाणा के किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की उड़ान संसाधनों की कमी के कारण नहीं रुकने दी जाएगी। शिक्षा में समान अवसर, पारदर्शी व्यवस्था और योग्यता का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा का युवा पूरे आत्मविश्वास के साथ कह सकता है कि उसे अपनी मेहनत पर भरोसा है, न कि सिफारिश या खर्ची-पर्ची पर। प्रतिभा का सम्मान और पारदर्शिता ही नए हरियाणा की पहचान बन चुकी है। 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को अंबाला में आयोजित ‘उत्कृष्ट शिक्षा पुरस्कार-2026’ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 70 से अधिक विद्यालयों के 10वीं, 12वीं तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 250 से अधिक विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल विद्यार्थियों की सफलता का नहीं, बल्कि माता-पिता के त्याग और शिक्षकों की तपस्या का भी सम्मान है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विद्यार्थियों की चमकती आंखों में उन्हें ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। किसी में वैज्ञानिक, किसी में चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासक और किसी में देश का नेतृत्व करने की क्षमता दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि आज मिलने वाला सम्मान विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है जो उन्हें भविष्य में और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगा। 

श्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम का आयोजन करने वाली पूजा फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने लगातार प्रतिभाओं को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। अंबाला जिले के 70 से अधिक विद्यालयों के 250 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को एक मंच पर सम्मानित करना समाज में परिश्रम की प्रतिष्ठा स्थापित करने वाला सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान करना राष्ट्र निर्माण की सच्ची सेवा है और ऐसे प्रयास विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाने का कार्य करते हैं। 

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा अभी बाकी है। अंक अवसर देते हैं, जबकि आचरण पहचान बनाता है। डिग्री रोजगार दिला सकती है, लेकिन संस्कार सम्मान दिलाते हैं। उन्होंने युवाओं से माता-पिता, गुरुजनों, मातृभूमि और अपने संस्कारों से हमेशा जुड़े रहने का आह्वान किया। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी। विकसित भारत केवल सरकारी योजनाओं से नहीं बनेगा, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों, युवाओं के अनुसंधान, खिलाड़ियों की मेहनत और जिम्मेदार नागरिकों के चरित्र से निर्मित होगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। पहले युवाओं को यह आशंका रहती थी कि कहीं परिवारवाद और सिफारिश उनकी मेहनत पर भारी न पड़ जाए, लेकिन अब सरकार की स्पष्ट नीति है कि अवसर सभी को मिलेंगे और चयन केवल योग्यता के आधार पर होगा। इससे गरीब और सामान्य परिवारों के युवाओं का आत्मसम्मान भी मजबूत हुआ है। 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के साधनहीन विद्यार्थियों के लिए मिशन बुनियाद व सुपर-100 कार्यक्रम शुरू किए गए। इन कार्यक्रमों में चयनित बच्चों का प्रवेश आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी तथा प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में हुआ है। इसी प्रकार हरियाणा में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए संस्कृति मॉडल स्कूल तथा पीएमश्री स्कूल खोले गए हैं। 

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा प्राप्त पदकों को हरियाणा की बेहतरीन खेल नीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की खेल नीति पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं की अपनी सरकार के कार्यकाल में दो लाइन की नीति थी-पदक लाओ-पद पाओ। लेकिन आज पूरे प्रदेश को पता है कि वर्तमान सरकार खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं दे रही है जिसके चलते हमारे खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज देश में दो प्रकार की विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है। एक विचारधारा नरेंद्र मोदी की है जिसमें देश को आगे बढ़ाने और भारत को नंबर वन बनाना है। दूसरी विचाराधारा कांग्रेस की है जिसने 55 साल से अधिक समय तक देश पर राज किया और अपने परिवार की भलाई के अलावा कुछ नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी ने संसद में पेपर लीक पर चर्चा तो की लेकिन कोई कानून बनाने का साहस नहीं कर सके जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के खिलाफ न केवल सख्त बिल बनाया बल्कि इसे लागू भी किया। 

इस अवसर पर हरियाणा के पूर्व मंत्री श्री असीम गोयल, भाजपा नेत्री श्रीमती बंतो कटारिया, अंबाला की मेयर श्रीमती अक्षिता सैनी, पूजा फाउंडेशन के संस्थापक श्री विनोद कुमार, जिला अध्यक्ष मंदीप राणा, हरियाणा शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्र, संजय शर्मा तथा जगमोहन सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षकगण, अभिभावक व गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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Author: Bharat Sarathi

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