2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए विशेष व्यवस्था करने और केंद्र सरकार को मांग-पत्र भेजने की अपील
चंडीगढ़, 20 सितंबर (पुनीत महाजन)। हरियाणा डेपुटेशन एम्पलाई वेलफेयर एसोसिएशन, चंडीगढ़ (एचडीईडब्ल्यूए) के महासचिव राजबीर नैन के नेतृत्व में चंडीगढ़ में कार्यरत डेपुटेशन शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) की अनिवार्यता से उचित राहत देने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एचटेट की अनिवार्यता से हरियाणा शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए उपलब्ध संवैधानिक, कानूनी और नीतिगत विकल्पों के माध्यम से प्रभावित शिक्षकों को राहत दिलाने का प्रयास किया जाए।
एसोसिएशन ने विशेष रूप से मांग रखी कि हरियाणा सरकार केंद्र सरकार को औपचारिक मांग-पत्र भेजे तथा वर्ष 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए एचटेट से राहत अथवा कोई विशेष व्यवस्था करने का विषय मजबूती से उठाए।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि एचटेट अथवा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता का मामला सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय और उसके अनुपालन में जारी निर्देशों से जुड़ा है। न्यायालय के निर्णय के अनुसार शिक्षकों को एचटेट उत्तीर्ण करना होगा और राज्य सरकार अपने स्तर पर सीधे राहत देने की स्थिति में नहीं है।
इस पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार प्रभावित शिक्षकों के हित में उपलब्ध कानूनी और संवैधानिक विकल्पों की पड़ताल करे तथा केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उनका पक्ष रखे।
प्रतिनिधिमंडल में महासचिव राजबीर नैन के साथ मलविंदर सिंह, अनिल राणा और अन्य डेपुटेशन शिक्षक शामिल रहे। एसोसिएशन ने कहा कि वह प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए वैधानिक एवं संवैधानिक माध्यमों से समाधान के प्रयास जारी रखेगी।








