*प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 की ओर बढ़ रहा देश: मुख्यमंत्री*
*12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति और विरासत को मिली नई मजबूती : मुख्यमंत्री*
*माता लल्लेश्वरी के नाम पर भवन के लिए नियमानुसार भूमि आवंटित होगी, कश्मीरी पंडितों को 5.15 करोड़ की ब्याज राशि रिफंड होगी – मुख्यमंत्री*
*गुरुग्राम में माता लल्लेश्वरी की 705वीं जयंती एवं श्री राधाष्टमी समारोह में मुख्यमंत्री ने कश्मीरी समाज की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प दोहराया*
*मुख्यमंत्री ने कहा, हरियाणा में गौशालाओं को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर*

गुरुग्राम, 19 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प की ओर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में माता लल्लेश्वरी जैसे संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं हमारी नैतिक चेतना और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में ’’‘सेवा संकल्प अभियान’’’ चलाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अभियान के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने माता लल्लेश्वरी जी की अमर वाणी को नमन करते हुए कहा कि उनकी कालजयी ज्ञानधारा सदैव समाज को आत्मज्ञान, प्रेम, भाईचारे और समरसता का मार्ग दिखाती रहेगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को गुरूग्राम में कश्मीर हिन्दू प्रकोष्ठ द्वारा माता लल्लेश्वरी जी की 705वीं जयंती एवं श्री राधाष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माता लल्लेश्वरी जयंती एवं श्री राधाष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर कश्मीरी समाज को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर माता लल्लेश्वरी जी पर आधारित गीत का पोस्टर भी लॉन्च किया। इस गीत के निर्माण में मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू का विशेष योगदान रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री के ओएसडी गजेंद्र फोगाट तथा कश्मीरी गायक ध्रुन टिक्कू ने गीत को अपनी आवाज दी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर विभिन्न मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया।
*बहादुरगढ़ सेक्टर-2 में कश्मीरी पंडितों को आवंटित प्लॉटों पर ईडीसी- आईडीसी के ब्याज की राशि लौटाई जाएगी; गौशाला की अप्रोच रोड की री-कार्पेटिंग की भी घोषणा*

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आयोजन स्थल पर मंदिर में अपना माथा टेकने तथा गौशाला में गौसेवा करने उपरांत अपने संबोधन में कहा कि माता लल्लेश्वरी जी की 705वीं जयंती एवं श्री राधाष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेश के कश्मीरी समाज के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि माता लल्लेश्वरी जी की शिक्षाओं और कार्यों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में भवन निर्माण हेतु संस्था द्वारा आवेदन किए जाने पर नियमानुसार भूमि आवंटित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि ’’बहादुरगढ़ के सेक्टर-2 में कश्मीरी पंडितों को आवंटित प्लॉटों पर ईडीसी और आईडीसी के ब्याज की राशि, कुल 5 करोड़ 15 लाख रूपए रिफंड की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा गौशाला समिति की मांग पर ’’गौशाला की अप्रोच रोड की री-कार्पेटिंग’’ करवाने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी समाज हरियाणा का अभिन्न हिस्सा है और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि माता लल्लेश्वरी जी की वाणी मनुष्य को अपने भीतर ईश्वर को पहचानने की प्रेरणा देती है, जबकि श्री राधारानी का जीवन प्रेम, भक्ति और समर्पण के माध्यम से परमात्मा से जुड़ने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं समाज की अमूल्य धरोहर हैं और इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के माध्यम से संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नई पीढ़ी को भारतीय संत परंपरा और उसके मूल्यों से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
*12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति और विरासत को मिली नई मजबूती*

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के साथ-साथ अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत को सहेजने तथा मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। भारत की सांस्कृतिक पहचान को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर नई पहचान और सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुआ है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35ए को हटाकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया। कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए चिनाब नदी पर विश्व के प्रमुख रेल पुलों में शामिल चिनाब रेल पुल का निर्माण हुआ। साथ ही, कश्मीर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनरुद्धार की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार को नई गति मिली है। केदारनाथ धाम, काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के विकास एवं पुनरुद्धार से लेकर कुरुक्षेत्र में उस पवित्र भूमि के विकास तक, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश दिया था, हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली है। इसी प्रकार गुरु नानक देव जी से जुड़े पवित्र स्थलों को करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने का कार्य भी हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में गंगा संरक्षण, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने तथा गौ संरक्षण जैसे विषयों पर भी विशेष जोर दिया गया है। हरियाणा में गौ संरक्षण के लिए बजट में हुई उल्लेखनीय वृद्धि भी इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का एक उदाहरण है।
*माता लल्लेश्वरी की वाणी में आध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता का संदेश*

मुख्यमंत्री ने कहा कि माता लल्लेश्वरी कश्मीर की महान संत, कवयित्री और आध्यात्मिक साधिका थीं। उन्होंने कश्मीर की समृद्ध शैव दर्शन परंपरा को जनभाषा में अभिव्यक्त कर समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाया। लाल डेड और लल्ला के नाम से प्रसिद्ध माता लल्लेश्वरी के ‘वाख’ आज भी आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागरण का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि माता लल्लेश्वरी का संदेश बाहरी आडंबर और दिखावे से ऊपर उठकर अपने भीतर ईश्वर को पहचानने का संदेश है। उनकी वाणी मानवता, आत्मज्ञान और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देती है। आज की तेज गति वाली तकनीकी और भौतिक दुनिया में उनके विचार मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और सामाजिक सौहार्द के लिए और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला परिसर में, जहां जीव-सेवा और प्रकृति संरक्षण का कार्य किया जा रहा है, माता लल्लेश्वरी की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
*कश्मीर की विरासत पूरे भारत की साझा धरोहर*
उन्होंने कहा कि कश्मीर की धरती ने भारतीय दर्शन, साहित्य, आध्यात्मिक चिंतन और संस्कृति को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। माता लल्लेश्वरी की वाणी विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं के बीच सद्भाव का सेतु रही है। यह विरासत केवल कश्मीर की नहीं, बल्कि पूरे भारत की साझा धरोहर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर की परंपरा में नारी को शक्ति, सृजन और ज्ञान के स्वरूप के रूप में सम्मान दिया गया है। देवी शारिका की आराधना और माता लल्लेश्वरी की वाणी इस गौरवशाली परंपरा की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर की ऐतिहासिक विरासत से प्रेरणा लेकर समाज को हर बेटी को सम्मान, अवसर और अपने सपनों को साकार करने का विश्वास देना चाहिए।
*कश्मीरी समाज के साथ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है*

मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर और हरियाणा के बीच रिश्ता केवल सामाजिक या भौगोलिक नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, आध्यात्मिकता और भाईचारे का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि अनेक कठिन परिस्थितियों के बावजूद कश्मीरी समाज ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को जीवंत रखा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में लगभग ’’दो लाख कश्मीरी पंडित’’ रह रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला में है, जबकि अंबाला, करनाल, पानीपत और बहादुरगढ़ में भी कश्मीरी पंडित परिवार रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कश्मीरी पंडितों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में ’’10 प्रतिशत आरक्षण’’ दिया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 7 अप्रैल 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी ने बहादुरगढ़ में 182 कश्मीरी पंडित परिवारों द्वारा खरीदी गई भूमि के अधिकार से संबंधित आवंटन पत्र सौंपे थे।
*हरियाणा में गौशालाओं को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनी मंदिर गौशाला एक पवित्र स्थल है। वर्ष 2025-26 के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से यहां गौ माता के चारे के लिए 9 लाख 24 हजार 600 रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। जल्द ही गौशाला के लिए लगभग 18 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गौशालाओं में गौवंश के लिए चारे, शेड और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था हो तथा प्रदेश में एक भी गौ माता सड़क पर न रहे। इसके लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है और जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार की सोच है कि प्रदेश की गौशालाएं आत्मनिर्भर बनें और अपने स्तर पर संसाधन जुटाकर बेहतर ढंग से संचालित हो सकें। इसी उद्देश्य से गौशालाओं में सोलर पैनल लगाने, बिजली की दर को 2 रुपये प्रति यूनिट करने तथा गौशाला निर्माण के लिए स्टांप ड्यूटी शून्य करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा पानीपत और हिसार में बड़ी नंदीशालाएं स्थापित की गई हैं तथा आने वाले समय में प्रदेश में और नंदीशालाएं विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
*यह रहे उपस्थित*
इस मौके पर बनी मंदिर गौशाला परिसर में आयोजित समारोह में सोहना के विधायक श्री तेजपाल तंवर, पटौदी की विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, गुरुग्राम विधायक श्री मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा तथा डॉ राज नेहरू, पूर्व सांसद सुखबीर जोनपुरिया, हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन रामचंद्र कांबोज, गुरुग्राम भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, गुरुग्राम महानगर भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत यादव, आयोजन समिति के पदाधिकारी अमित रैना, नगर निगम गुरुग्राम के सीनियर डिप्टी मेयर धर्मबीर भांगरोला,
निगम पार्षद नारायण भड़ाना, अजय पंडित, पंकज धर, सतीश , वीरेंद्र, जिला प्रशासन गुरुग्राम से सीपी शिवास कविराज, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, डीसी उत्तम सिंह, बादशाहपुर एसडीएम संजीव सिंगला सहित बनी मंदिर गौशाला प्रबंधन समिति तथा कश्मीरी समाज के गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।








