हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी ने 15 शिकायतों पर की सुनवाई

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महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल उत्पीड़न सहित विभिन्न मामलों में दिए सख्त निर्देश

पुलिस व संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कर पीड़िताओं को न्याय दिलाने के निर्देश

गुरुग्राम, 4 अगस्त- हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी ने मंगलवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एवं अन्य शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान आयोग में दर्ज कुल 15 शिकायतों पर विस्तार से सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों एवं पुलिस अधिकारियों को मामलों का शीघ्र, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुनवाई के दौरान सोहना तहसील निवासी एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके पति के कई महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध हैं। कई बार पंचायत के माध्यम से समझौता होने के बावजूद जब वह दोबारा अपने ससुराल गई तो उसके साथ मारपीट की गई। पीड़िता ने बताया कि उनकी शादी को चार वर्ष हो चुके हैं और उनके दो बच्चे हैं। इस पर अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी ने निर्देश दिए महिला के पति की मासिक आय 50 हजार रुपये है इसलिए वह बच्चों के पालन-पोषण के लिए अपनी पत्नी को प्रतिमाह 25 हजार रुपये देना सुनिश्चित करे, साथ ही पत्नी को संपत्ति में उचित अधिकार दिलाने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सुनवाई के दौरान एक अन्य मामले में एक महिला ने अपने देवर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। पीड़िता ने बताया कि उसके पति वर्तमान में दुबई में रहते हैं। पुलिस ने आयोग को अवगत कराया कि ससुराल पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है तथा आरोपी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। इस पर हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी ने मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को दोपहर 12 बजे पंचकूला स्थित हरियाणा राज्य महिला आयोग कार्यालय में निर्धारित करते हुए जांच पूरी होने तक चार्जशीट दाखिल नहीं करने के निर्देश दिए।

एक अन्य मामले में एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में पश्चिम बंगाल निवासी एक व्यक्ति को एक लाख रुपये ब्याज पर दिए थे। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने आयोग को बताया कि आरोपी अब तक 66 हजार रुपये लौटा चुका है तथा शेष 34 हजार रुपये दो माह में लौटाने का आश्वासन दिया है। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने पीड़िता को शेष राशि भी शीघ्र वापस दिलाने के निर्देश दिए।

कार्यस्थल पर उत्पीड़न से जुड़े एक मामले में एक महिला ने बताया कि वह पिछले ढाई वर्षों से एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। एचआर हेड के स्थानांतरण के बाद उनकी रिपोर्टिंग जिस अधिकारी को हुई, उसने उनके साथ मानसिक एवं यौन उत्पीड़न किया तथा शिकायत करने पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाते हुए इस्तीफा देने के लिए कहा। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अगस्त को पंचकूला में उपस्थित होने को कहा।

सुनवाई के दौरान एसीपी यशवंत, एसीपी कुलदीप, इंस्पेक्टर रामबीर, इंस्पेक्टर सुनील, इंस्पेक्टर सुधीर, एसआई रंजीत कुमार, एसआई राजेश, एसआई धर्मेंद्र, एसआई हरेंद्र, कंसल्टेंट अंशुल सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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