नई सड़कों की हर महीने जांच करने के दिए गए आदेश , डीएलपी में खामियां दूर करने की जिम्मेदारी होगी एजेंसी की

गुरुग्राम, 4 अगस्त। गुरुग्राम में बनने वाली नई सड़कों की गुणवत्ता पर अब पहले से ज्यादा सख्ती से निगरानी रखी जाएगी। हरियाणा शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने मंगलवार को निर्देश दिए कि जीएमडीए द्वारा बनाई गई प्रत्येक नई सड़क का संबंधित एसडीओ हर महीने निरीक्षण करेगा और उसकी रिपोर्ट कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) को देगा। वहीं, एक्सईएन प्रत्येक तीन महीने में स्वयं निरीक्षण करेंगे ताकि डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के दौरान निर्माण एजेंसी समय रहते सभी खामियों को दूर करे और सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
जीएमडीए कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में श्री ढेसी ने सड़क, पेयजल, ड्रेनेज, पार्क और पैदल यात्री सुविधाओं से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
चंदू बुढेड़ा से सेक्टर-72 तक पाइपलाइन का अधिकांश हिस्सा तैयार
बैठक में चंदू बुढेड़ा जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) से सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन तक बिछाई जा रही 27 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन पाइपलाइन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य अभियंता (इन्फ्रास्ट्रक्चर-II) आर.एस. जांगड़ा ने बताया कि करीब 22 किलोमीटर पाइपलाइन का सफल परीक्षण पूरा हो चुका है। परीक्षण के दौरान सामने आए 25 लीकेज को भी ठीक कर दिया गया है। शेष पांच किलोमीटर हिस्से का कार्य तेजी से चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद न्यू गुरुग्राम के कई क्षेत्रों को अधिक सुदृढ़ पेयजल आपूर्ति मिलेगी।
ग्वाल पहाड़ी व आस पास के रिहायशी क्षेत्रों को मिलेगा 19.5 एमएलडी अतिरिक्त पानी
बैठक में सेक्टर-58 से ग्वाल पहाड़ी तक बिछाई जा रही मास्टर वाटर सप्लाई पाइपलाइन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्वाल पहाड़ी में बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि पाइपलाइन बिछाने का कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद ग्वाल पहाड़ी और आसपास की आवासीय सोसायटियों को लगभग 19.5 एमएलडी अतिरिक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
सेक्टर-88 से 115 तक ड्रेनेज नेटवर्क का अधिकांश काम पूरा
बैठक में न्यू गुरुग्राम में ड्रेनेज नेटवर्क के विकास की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-88 से 115 तक लगभग 90 किलोमीटर ड्रेनेज लाइन बिछाई जा चुकी है। करीब 6.5 किलोमीटर नेटवर्क पर जीएमडीए काम कर रहा है, जबकि शेष हिस्सा एचएसवीपी द्वारा विकसित किया जा रहा है। दोनों एजेंसियाँ संयुक्त रूप से सर्वे कर तकनीकी और साइट संबंधी बाधाओं को दूर करने में जुटी हैं, ताकि पूरा नेटवर्क जल्द चालू किया जा सके।
दादी सती चौक और अंबेडकर चौक फ्लाईओवर के टेंडर जल्द होंगे आवंटित
बैठक में शहर की प्रमुख सड़क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि दादी सती चौक और डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर तथा मिलेनियम सिटी सेंटर के छह लेन अंडरपास के टेंडर जारी किए जा चुके हैं और जल्द ही उनका आवंटन कर दिया जाएगा। दादी सती चौक फ्लाईओवर का निर्माण पिलर्स पर किया जाएगा, जिससे चौराहे पर यातायात अधिक सुचारु होगा और जाम की समस्या कम होगी।
टाउन पार्क से हटेंगे अतिक्रमण, रखरखाव होगा बेहतर
बैठक में सेक्टर-21, 22 और 23 में करीब 20 एकड़ में विकसित टाउन पार्क के रखरखाव की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पार्क की चारदीवारी की मरम्मत का कार्य जारी है और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत यहां फाउंटेन लगाया जाएगा। श्री ढेसी ने पार्क के भीतर और आसपास मौजूद सभी अतिक्रमण हटाने तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इसे शहरवासियों के लिए स्वच्छ और आकर्षक हरित स्थल बनाया जा सके।
फुटपाथ पैदल यात्रियों के चलने लायक बनें
सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले का उल्लेख करते हुए प्रधान सलाहकार ने कहा कि शहर के फुटपाथ सुरक्षित और वास्तव में पैदल यात्रियों के चलने लायक होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मार्गों पर पैदल आवाजाही अधिक रहती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर फुटपाथों का विकास किया जाए।
श्री ढेसी बताया कि एचएसवीपी ने मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के आसपास फुटपाथों के सुधार का निर्णय लिया है। वहीं, उन्होंने जीएमडीए को राजीव चौक से टॉवर ऑफ जस्टिस तक प्राथमिकता के आधार पर पैदल यात्रियों के अनुकूल फुटपाथ विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यकारी अभियंता श्री अमित गोदारा ने बताया कि इस पूरे मार्ग का विस्तृत सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद आवश्यक निर्माण और सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे।
बैठक में मुख्य अभियंता (इन्फ्रास्ट्रक्चर-I) प्रवीण चौधरी, मुख्य अभियंता (इन्फ्रास्ट्रक्चर-II) आर.एस. जांगड़ा, अधीक्षण अभियंता परवीन कुमार, प्रबंधक (पार्क) डॉ. अशोक कुमार, कार्यकारी अभियंता अमित गोदारा, अभिनव वर्मा, विक्रम सिंह, शितिज कुमार, डीटीपी परवीन चौहान, प्रेरणा सिहाग सहित जीएमडीए के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









