गुरुग्राम में जिला कांग्रेस ने डीसी के माध्यम से सौंपा ज्ञापन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, संसद में चर्चा और छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग
गुरुग्राम। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुग्राम जिला कांग्रेस ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिला उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों पर संवैधानिक हस्तक्षेप करते हुए न्यायोचित कार्रवाई की मांग की।
जिला कांग्रेस (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर और जिला कांग्रेस (ग्रामीण) अध्यक्ष वर्धन यादव के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देशभर के छात्र-छात्राएं परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और अन्य मांगों को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं और छात्रों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और सरकार के असंवेदनशील रवैये से लाखों छात्रों और अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हुआ है।
ज्ञापन में 21 जुलाई 2026 की घटना का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के समक्ष शांतिपूर्ण धरने पर बैठे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसे कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
राष्ट्रपति से की गई प्रमुख मांगें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।
- परीक्षा अनियमितताओं, भर्ती में देरी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
- नई दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर वापस लेकर दमनात्मक कार्रवाई बंद की जाए।
पंकज डावर और वर्धन यादव ने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि उनके भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार को दमन के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए और राष्ट्रपति से छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर पीसीसी सदस्य पंकज भारद्वाज, नीरज यादव, सूबे सिंह यादव, शैलजा भाटिया, सुनीता वर्मा, सतबीर पहलवान, हरकेश प्रधान, मुकेश पवन चौधरी, भोले गुज्जर, सुखबीर तंवर, राजेश यादव, इंद्र यादव, सुशील सहरावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








