संसद का गतिरोध दुर्भाग्यपूर्ण, छात्रों के मुद्दों पर जवाबदेही से नहीं बच सकती सरकार : कुमारी सैलजा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 23 जुलाई। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी.) सदस्य कुमारी सैलजा ने संसद के मानसून सत्र के लगातार चौथे दिन भी लोकसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से न चल पाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के करोड़ों युवाओं, छात्रों, किसानों और आम नागरिकों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा होने के बजाय सरकार जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रही है।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और उसे केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के साथ खड़ी होती तो पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर प्रश्न सामने आते ही प्रभावी कदम उठाए जाते। सांसद ने कहा कि छात्रों में इस बात को लेकर व्यापक असंतोष है कि इतने बड़े घटनाक्रम के बावजूद अब तक सरकार की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता और जवाबदेही दिखाई नहीं दी।

कुमारी सैलजा ने कहा कि केवल घोषणाएँ करने या भविष्य के वादे करने से युवाओं का विश्वास नहीं जीता जा सकता। देश यह जानना चाहता है कि सरकार ने अब तक इस पूरे मामले में वास्तविक कार्रवाई क्या की है।कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा फास्ट ट्रैक अदालतों की घोषणा स्वागतयोग्य तभी मानी जाएगी जब उसके साथ निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई और पीड़ित छात्रों को न्याय सुनिश्चित करने की स्पष्ट प्रक्रिया भी सामने आए। केवल घोषणाओं से छात्रों की चिंताएँ समाप्त नहीं होंगी। सरकार को पिछले वर्षों में हुई कमियों और विफलताओं की भी ईमानदारी से समीक्षा करनी चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दों को संसद और सड़क दोनों जगह मजबूती से उठा रहे हैं। लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी जनता की आवाज़ को सदन तक पहुँचाना है और कांग्रेस इसी संवैधानिक दायित्व का निर्वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा उठाए जा रहे प्रश्नों का लोकतांत्रिक और संवेदनशील समाधान होना चाहिए।

सांसद ने कहा कि छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज तथा पूरे घटनाक्रम पर सरकार की ओर से न तो कोई खेद व्यक्त किया गया और न ही जवाबदेही तय की गई। लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान खोजा जाना चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मांग है कि शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय की जाए, छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी जाए, छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और हिंसा के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं की पारदर्शी जांच सुनिश्चित कर युवाओं का विश्वास बहाल किया जाए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का युवा केवल आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय और पारदर्शिता चाहता है। युवाओं का भविष्य किसी भी सरकार की विफलताओं की कीमत नहीं बन सकता। संसद लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है और सरकार को चाहिए कि वह विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा कर समाधान का मार्ग प्रशस्त करे।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!