आरएफपी एवं कार्य आदेश की शर्तों के उल्लंघन पर 7.91 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना, निर्धारित संसाधन उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
गुरुग्राम, 23 जुलाई। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्य में लापरवाही बरतने वाली दो एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। आरएफपी एवं कार्य आदेश की शर्तों का पालन नहीं करने तथा निर्धारित संसाधन उपलब्ध नहीं कराने पर एजेंसियों पर 7.91 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। यह कार्रवाई नगर निगम द्वारा किए गए निरीक्षण एवं रिकॉर्ड के आधार पर की गई है।
जारी नोटिस के अनुसार जोन-2 में कार्यरत के.एस. मल्टीफैसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को प्रतिदिन निर्धारित संख्या में 8 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां एवं 56 सफाई कर्मी उपलब्ध कराने थे, लेकिन निरीक्षण के दौरान कई दिनों तक निर्धारित संख्या से कम वाहन एवं सफाई कर्मचारी तैनात पाए गए। इसके चलते एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कमी पर 1,72,500 रुपए तथा सफाई कर्मियों की कमी पर 3,76,418 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
इसी प्रकार वी.एस. वेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए नगर निगम ने तुलिप चौक सेकेंडरी प्वाइंट पर एकत्रित लगभग 14 टन कूड़ा समय पर नहीं उठाने के कारण नोटिस जारी किया है। निरीक्षण के दौरान डम्पर उपलब्ध होने के बावजूद कचरे का उठान नहीं किए जाने पर एजेंसी पर 2,42,760 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय तक कचरा पड़ा रहने से नागरिकों को असुविधा होने के साथ-साथ पर्यावरण एवं स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से कार्य आदेश एवं आरएफपी की शर्तों के अनुरूप सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएं तथा सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहने दें। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में भी कार्य में सुधार नहीं किया गया तो जुर्माने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा नियमानुसार अन्य कठोर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी एजेंसी द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन अथवा सफाई कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी एजेंसियों को निर्धारित संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। यदि किसी भी स्तर पर कमी पाई गई तो नियमानुसार आर्थिक दंड के साथ-साथ अन्य सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।









