डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए एमसीजी का विशेष जांच अभियान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सभी 8 जोन में वाहनों की संख्या का किया गया सत्यापन, टेंडर शर्तों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई – मेयर राजरानी मल्होत्रा

गुरुग्राम, 22 जुलाई। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर में घर-घर से कचरा संग्रहण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को नगर निगम ने सभी 8 जोनों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए संचालित वाहनों की वास्तविक संख्या का सत्यापन करने हेतु विशेष जांच अभियान चलाया।

इस विशेष अभियान के तहत प्रत्येक जोन में संयुक्त आयुक्तों एवं संबंधित पार्षदों को निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर टेंडर के तहत निर्धारित वाहनों की उपलब्धता की जांच की तथा संबंधित एजेंसियों द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुपालन का निरीक्षण किया।

इसी क्रम में गुरुग्राम की मेयर श्रीमती राजरानी मल्होत्रा ने स्वयं ताऊ देवीलाल स्टेडियम पहुंचकर जोन-6 में संचालित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ निगम पार्षद परमिंदर कटारिया, आशीष गुप्ता एवं रुचि गगनदीप, एसएसआई ऋषि मलिक तथा संबंधित वार्डों के एएसआई भी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान वाहनों की संख्या, उनकी कार्यशील स्थिति तथा एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों का भौतिक सत्यापन किया गया। मेयर ने संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे टेंडर की सभी शर्तों का पूर्णतः पालन करते हुए निर्धारित संख्या में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि शहर के प्रत्येक घर से समयबद्ध एवं नियमित रूप से कचरे का संग्रहण किया जा सके।

उन्होंने कहा कि नगर निगम नागरिकों को बेहतर स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी एजेंसी द्वारा टेंडर की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है या निर्धारित संख्या में वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो उसके विरुद्ध आर्थिक दंड लगाने के साथ-साथ ब्लैकलिस्ट करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

मेयर श्रीमती राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था शहर की स्वच्छता का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक एजेंसी को अनुबंध की शर्तों के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। नगर निगम का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सेवाएं मिलें। नियमों की अनदेखी करने वाली किसी भी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों के सहयोग से ही स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ गुरुग्राम का सपना साकार होगा।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!