धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और एग्जाम प्रक्रिया में रिफॉर्म जरूरी- हुड्डा

चंडीगढ़, 22 जुलाई । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी नेताओं के खिलाफ किए गए बल प्रयोग की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर शांतिप्रिय प्रदर्शन करना देश के प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का अधिकार व दायित्व है। तमाम विद्यार्थियों और विपक्ष की मांग पूरी तरह जायज है। आज सारा देश शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है, बावजूद इसके केंद्र की भाजपा सरकार जिद पर अड़ी हुई है।
उनका इस्तीफा मांगने की बजाय वह विपक्ष और जनता की आवाज को कुचलने की कोशिश कर रही है।
अपने आवास पर हुड्डा पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने हरियाणा को भी पेपर लीक का गढ़ बना दिया है। पिछले लगभग 12 साल से जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठा रही है। सरकार ने इसकी जांच का ढकोसला तो किया, लेकिन न तो कभी जांच रिपोर्ट सामने आई और न ही दोषियों पर कार्रवाई हुई। यानी चाहे हरियाणा हो या केंद्र, दोनों जगह सरकार पेपर लीक को संरक्षण दे रही हैं। ऐसे में सरकार की जवाबदेही तय होनी जरूरी है।
इसीलिए देशभर के विद्यार्थी एग्जाम प्रक्रिया में रिफॉर्म को लेकर आंदोलनरत हैं। उनसे बात करके उनकी मांगें मानने की बजाय सरकार उन पर लाठीचार्ज करवा रही है, जो निंदनीय है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि देशभर की तरह हरियाणा में भी कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठा रही है।
किसानों से संबंधित सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ कृषि उत्पादों की कोई भी डील भारत के हित में नहीं हो सकती। जब इस डील की तमाम शर्तें और प्रावधान सामने आ जाएंगे, तभी वह इस पर विस्तार से टिप्पणी करेंगे।
फिलहाल सरकार को किसानों से किए गए वादे पूरे करने चाहिए और एमएसपी की कानूनी गारंटी देनी चाहिए।
भाजपा द्वारा कांग्रेस के मुख्यालयों पर प्रदर्शन को लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। भाजपा की स्थिति अब “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” वाली हो चुकी है। उसे पेपर लीक पर जवाब देना है, लेकिन वह विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। यह विशुद्ध रूप से राजनीतिक नाटक है।









