सोनम वांगचुक के इलाज पर सियासत तेज, हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार पर उठे सवाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पत्नी की याचिका पर मेदांता में इलाज की अनुमति, आंदोलन और स्वास्थ्य को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के इलाज को लेकर अब राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले जाने की अनुमति दे दी है। अदालत के इस फैसले के बाद वांगचुक के समर्थकों ने इसे राहत बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके आंदोलन के दौरान उनकी गिरफ्तारी और स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए थे।

विपक्ष का आरोप- इलाज में देरी कर दबाव बनाने की कोशिश

विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने वांगचुक के आंदोलन और मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि एक सामाजिक कार्यकर्ता के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी और बेहतर इलाज की व्यवस्था पहले ही कर देनी चाहिए थी।

वहीं वांगचुक समर्थकों का कहना है कि अदालत में याचिका दायर करने की नौबत यह दिखाती है कि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त पहल नहीं की गई।

सरकार का पक्ष- स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कोई रोक नहीं

हालांकि सरकार की ओर से यह कहा गया है कि सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनके इलाज को लेकर किसी प्रकार की बाधा नहीं डाली गई है। केंद्र की ओर से अदालत में मेदांता स्थानांतरण पर आपत्ति नहीं जताई गई।

लद्दाख के मुद्दे पर पहले से चल रहा है विवाद

सोनम वांगचुक पिछले कुछ वर्षों से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची के तहत संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। इन मांगों को लेकर केंद्र सरकार और लद्दाख के आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।

इलाज के फैसले ने फिर बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सोनम वांगचुक का इलाज मेदांता अस्पताल में होगा, लेकिन उनके स्वास्थ्य से जुड़ा मामला एक बार फिर लद्दाख के अधिकारों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक विमर्श का मुद्दा बन गया है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वांगचुक के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!