-पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह अच्छे फैसले भी लेकर दिखाएं प्रधानमंत्री मोदी
-इंदिरा गांधी जी के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोडक़र खुश होना बहुत बड़ी उपलब्धि नहीं

गुुरुग्राम। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के पिता सोनम वांग्याल से मिलकर उनका अनशन खत्म करवाया था। उन्हें आश्वस्त किया था कि लद्दाख के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिया जाएगा। इंदिरा जी ने इसकी शुरुआत की और इंदिरा गांधी जी के निधन के बाद भी यह कार्य पूरा किया गया।
पंकज डावर ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी जी के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोडक़र खुश होना बहुत बड़ी उपलब्धि नहीं है। इंदिरा जी के द्वारा देशहित, समाजहित में किए गए कार्यों की तरह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काम करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के पिता पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांग्याल ने 1984 में लद्दाख के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए लेह में भूख हड़ताल की थी। आंदोलन की गंभीरता को समझते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी विशेष विमान से लेह पहुंची थीं। उन्होंने श्री वांग्याल से उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया और आश्वासन दिया था कि केंद्र सरकार इस पर काम करेगी। इसके बाद इंदिरा गांधी ने अपने हाथों से उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया था। इंदिरा गांधी के आश्वासन के बाद केंद्र सरकार ने इस पर प्रक्रिया शुरू की थी। अक्टूबर 1984 में इंदिरा गांधी जी का निधन हो गया था, लेकिन आगे चलकर 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल के दौरान लद्दाख के कई समुदायों को आधिकारिक रूप से अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त हुआ।
पंकज डावर ने कहा कि आज भाजपा सरकार में सब उलटा हो रहा है। आज देश में शिक्षा के सुधारीकरण के लिए अनशन पर बैठे शिक्षा सुधारक सोनम वांग्याल के बेटे सोनम वांगचुक को सरकार के इशारे पर जबरदस्ती अनशन से उठाया गया है। अनशन से उठाना भी एक साजिश रही। पुलिस वालों को डॉक्टर्स की भूमिका में जंतर मंतर भेजा गया और सोनम वांगचुक को जबरन उठाकर ले जाया गया। यह लोकतंत्र को अपमानित करने जैसा काम है। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी और समाज की बात उठाने का पूरा हक है, लेकिन भाजपा सरकार इस हक को खत्म करने का काम कर रही है। कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि इंदिरा गांधी जी से बड़ा विचारों से हो सकते हैं, उनके जैसे कार्यों से हो सकते हैं। ना कि देशहित में आंदोलन करने वालों का आंदोलन कुचलकर। 1984 की इस घटना का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार से अपील की है कि जिस विषय पर सोनम वांगचुक का आंदोलन शुरू हुआ, उसे पूरा करें।









