*गुरुग्राम, 19 जुलाई*। मानसून के दौरान वर्षा जल की निर्बाध निकासी सुनिश्चित करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) सेक्टर-37डी स्थित रामप्रस्थ सोसायटी के निकट एक महत्वपूर्ण ड्रेनेज जंक्शन को सुदृढ़ कर रहा है। इसके तहत पुराने एवं जर्जर पाइप कल्वर्ट हटाकर जल निकासी में आ रही बाधाओं को दूर किया जा रहा है।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने बताया कि सेक्टर-37डी का यह जंक्शन शहर की ड्रेनेज व्यवस्था का अहम हिस्सा है, जहां लेग-3 मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन, नव-निर्मित लेग-4 मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन तथा मानेसर सीईटीपी चैनल एक साथ मिलते हैं। यहां बने तीन पुराने पाइप कल्वर्टों में कचरा, पेड़ों की टहनियां और अन्य मलबा फंसने से वर्षा जल का प्रवाह बार-बार बाधित होता था।
उन्होंने बताया कि सुधार कार्यों के अंतर्गत तीन में से दो पाइप कल्वर्ट हटाए जा चुके हैं, जबकि तीसरे को हटाने का कार्य जारी है। कार्य पूरा होने के बाद इस जंक्शन पर बरसाती पानी का प्रवाह बिना रुकावट के संभव होगा, जल निकासी क्षमता बढ़ेगी तथा भारी बारिश के दौरान जलभराव की संभावना कम होगी।
श्री मीणा ने कहा कि जीएमडीए शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अवरोध दूर करने और बरसाती पानी के बहाव को बेहतर बनाने का कार्य लगातार कर रहा है। मानसून से पहले लेग-1, लेग-2 और लेग-3 मास्टर ड्रेनों का सफाई कार्य पूरा कर लिया गया था तथा लेग-4 मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन को भी इस मानसून में चालू कर दिया गया है, जिससे शहर के मुख्य ड्रेनेज नेटवर्क को और मजबूती मिली है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा ड्रेनेज नेटवर्क में जो गैप थे, उनको दूर कर मिसिंग लिंक को जोड़ने, नए सरफेस ड्रेन एवं रोड गलियों के निर्माण, महत्वपूर्ण ड्रेनेज जंक्शनों के सुधारीकरण तथा ड्रेनों से मलबा और कचरा हटाने का कार्य भी लगातार किया जा रहा है, ताकि पूरे मानसून के दौरान वर्षा जल निकासी सुचारु बनी रहे।









