समाधान नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, एआईयूटीयूसी व अन्य श्रमिक संगठन बैठक में होंगे शामिल

चंडीगढ़/पंचकूला, 11 जुलाई 2026। हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड पंचकूला द्वारा भवन निर्माण श्रमिकों से संबंधित लंबित मांगों पर विचार-विमर्श एवं समाधान के लिए 14 जुलाई 2026 को केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी तथा अन्य श्रमिक संगठनों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में एआईयूटीयूसी तथा भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन, हरियाणा की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा।
संघर्षों से हासिल अधिकारों को कमजोर कर रही है सरकार : राजेंद्र सिंह
यह जानकारी देते हुए एआईयूटीयूसी, हरियाणा एवं भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन, हरियाणा के अध्यक्ष कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि लंबे संघर्षों के बाद भवन निर्माण श्रमिकों ने जो अधिकार और कल्याणकारी सुविधाएँ हासिल की थीं, सरकार उन्हें लगातार कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को मिलने वाले अनेक कल्याणकारी लाभ व्यावहारिक रूप से बंद हो चुके हैं, जिसके कारण लाखों निर्माण श्रमिक अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित हैं।
भ्रष्टाचार रोकने के बजाय श्रमिकों के अधिकारों पर प्रहार का आरोप
कॉमरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार स्वयं स्वीकार करती है कि श्रमिक कल्याण बोर्ड में व्यापक भ्रष्टाचार है। यदि ऐसा है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और उसके प्रशासन की बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार रोकने के बजाय उसके नाम पर श्रमिकों के हितों और अधिकारों की बलि दी जा रही है, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
ट्रेड यूनियनों की भूमिका समाप्त होने से बढ़ा भ्रष्टाचार
उन्होंने कहा कि पहले भवन निर्माण श्रमिकों के 90 दिनों के कार्य का सत्यापन करने का अधिकार ट्रेड यूनियनों के पास था। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहती थी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण रहता था। लेकिन जिस दिन से सरकार ने ट्रेड यूनियनों और भवन निर्माण श्रमिक संगठनों की इस भूमिका को समाप्त किया है, उसी दिन से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा मिला है।
पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया को बनाया गया जटिल
कॉमरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बना दिया गया है। उनका कहना था कि जितनी अधिक जटिल प्रक्रिया होगी, भ्रष्टाचार की संभावनाएँ उतनी ही बढ़ेंगी और वास्तविक श्रमिकों को योजनाओं का लाभ मिलने में उतनी ही कठिनाई होगी।
सकारात्मक समाधान की उम्मीद, अन्यथा आंदोलन
उन्होंने आशा व्यक्त की कि 14 जुलाई को होने वाली बैठक में श्रमिकों की लंबित मांगों का सकारात्मक समाधान निकलेगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो एआईयूटीयूसी एवं भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन, हरियाणा अन्य श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा करेगी।









