राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में सरकारी डेटा एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर हुआ मंथन
चंडीगढ़, 11 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित हरियाणा डिजिटल कवच पहल के अनुरूप राज्य में साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग (डाइटेक) तथा सिटिजन रिसोर्सेज इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट (सीआरआईडी) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी), भारत सरकार के सहयोग से राज्य डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ बनाने विषय पर चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डाइटेक के निदेशक श्री समवर्तक सिंह खांगवाल ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के तेजी से विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं रह गई है, बल्कि सुशासन और प्रभावी नागरिक सेवाओं का अभिन्न आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकारी डिजिटल अवसंरचना और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना, निरंतर क्षमता निर्माण तथा सक्रिय साइबर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट में घोषित हरियाणा डिजिटल कवच के माध्यम से सभी सरकारी विभागों के लिए 24×7 थ्रेट इंटेलिजेंस, साइबर घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया, अनिवार्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन तथा नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित किए जाएंगे। इससे राज्य की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा सरकारी प्रणालियों एवं नागरिकों के डेटा की सुरक्षा अधिक प्रभावी होगी।
श्री खंगवाल ने कहा कि कार्यशाला में प्राप्त सुझाव हरियाणा के साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत बनाने के साथ-साथ राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने में भी उपयोगी सिद्ध होंगे।
कार्यशाला में उभरते साइबर खतरों, डेटा गवर्नेंस, सरकारी संस्थानों की साइबर सुरक्षा, पावर सेक्टर में साइबर सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) फ्रेमवर्क, सुरक्षा मानकों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षित आईटी अवसंरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस के लिए विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता जरूरी है।
कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों एवं निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मेइटी, एनईजीडी, सीईआरटी-इन, एनआईसी, हरियाणा पुलिस, बिजली विभाग तथा निजी क्षेत्र के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया।








