-कहा , पारदर्शिता आएगी और राजस्व में होगी बढ़ोतरी
-विज़न -2047 , सीएम-अनाउंसमेंट तथा संकल्प-पत्र की घोषणाओं की भी समीक्षा की
-‘एकमुश्त निपटान योजना में टैक्स छूट का लाभ उठाने का किया आह्वान
चंडीगढ़ , 11 जुलाई -हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को राज्य के आबकारी प्रशासन में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए संशोधित ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ प्रणाली और ऑनलाइन आबकारी सेवाओं की शुरुआत की है। इन नई पहलों का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी-संचालित शासन के माध्यम से पारदर्शिता को मजबूत करना, नियामक निरीक्षण में सुधार लाना, सरकारी राजस्व को सुरक्षित करना और व्यापार करने की सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आबकारी एवं कराधान विभाग के विज़न -2047 की भी समीक्षा की। उन्होंने विभाग से संबंधित सीएम-अनाउंसमेंट तथा संकल्प-पत्र की घोषणाओं की भी प्रगति रिपोर्ट ली।
मुख्यमंत्री ने शराब के लिए क्यूआर कोड-आधारित ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ प्रणाली का एक उन्नत संस्करण पेश किया है। इस प्रणाली के तहत डिस्टिलरी और बॉटलिंग से लेकर थोक और खुदरा बिक्री तक, शराब की हर बोतल की विजिट पर पैनी नजर रखी जा सकेगी और उसकी विशिष्ट पहचान की जा सकेगी। यह व्यवस्था इन्वेंट्री की आवाजाही पर बेहतर नजर रखने, आबकारी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने और अवैध शराब के प्रसार पर रोक लगाकर निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देगी।
इसके अलावा, आबकारी विभाग को इस प्रणाली से पूरी आपूर्ति श्रृंखला की रीयल-टाइम निगरानी करने, कर चोरी और तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन को मजबूत करने, डेटा-आधारित निर्णय लेने और राज्य के राजस्व को सुरक्षित करने में बड़ी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई यह तकनीक-आधारित पहल पारदर्शी प्रशासन, प्रभावी विनियमन और आबकारी राजस्व में निरंतर वृद्धि के लिए डिजिटल गवर्नेंस का उपयोग करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आबकारी नियामक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने 8 नई ऑनलाइन आबकारी सेवाएँ भी लॉन्च की हैं, जिससे अब विभिन्न लाइसेंसों और अनुमतियों के लिए ऑनलाइन और पेपरलेस सर्विस वितरण का दायरा बढ़ गया है। इन ऑनलाइन सेवाओं में एक महत्वपूर्ण जुड़ाव अस्थायी शराब परोसने के लाइसेंस (L-12A-C) का अनुदान है। यह सर्विस सामाजिक और सार्वजनिक समारोहों जैसे कि कार्यक्रमों, संगीत कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और इसी तरह के अवसरों के लिए अस्थायी शराब परोसने के लाइसेंस को ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है। यह ऑनलाइन प्रणाली लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाएगी, अनुपालन के बोझ को कम करेगी और आवेदकों के लिए व्यापार करने की सुगमता को बढ़ाएगी।
इसके साथ ही, मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल के वार्षिक पंजीकरण, विकृत स्पिरिट आउटलेट लाइसेंस (L-17), औद्योगिक और औषधीय स्पिरिट कब्जा परमिट (L-42A से L-42D) और खुदरा शराब की दुकानों के समय विस्तार की अनुमति के लिए भी ऑनलाइन सेवाएँ शुरू की गई हैं। इनमें से प्रत्येक सर्विस को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस वर्कफ्लो पर तैयार किया गया है, जिससे आवेदक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं, उसकी प्रगति की निगरानी कर सकते हैं और 7 कार्य दिवसों की तय समय-सीमा के भीतर पोर्टल के माध्यम से मंजूरी प्राप्त कर सकते हैं।
स्वचालित प्रसंस्करण के कारण हर कदम पर मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे यह पूरी प्रक्रिया बैंक्वेट हॉल संचालकों, औद्योगिक और औषधीय स्पिरिट उपयोगकर्ताओं, विकृत स्पिरिट विक्रेताओं और खुदरा लाइसेंसधारियों के लिए तेज, अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने आबकारी प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के विभाग के प्रयासों की सराहना की और इन नई प्रणालियों को पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
करदाता ‘एकमुश्त निपटान योजना में टैक्स छूट का लाभ उठाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करदाताओं से 1 जून 2026 से वैट, सीएसटी, हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम जैसे प्री-जीएसटी कर कानूनों के लिए शुरू की गई ‘एकमुश्त निपटान योजना 2026’ (OTS-2026) के तहत आवेदन कर टैक्स छूट का लाभ उठाने का भी आग्रह किया। इस ओटीएस-2026 के तहत सभी करदाताओं के लिए 100% जुर्माना और ब्याज माफ कर दिया गया है और विभिन्न स्लैब में देय कर में भारी छूट भी दी गई है। सरकार ने इस योजना के तहत ‘दस्तावेज़-लिंक्ड छूट तंत्र’ पेश किया है, जिसमें करदाता वैधानिक फॉर्मों के सत्यापन पर कर की मांग को कम करवा सकते हैं, जिन्हें अब करदाताओं द्वारा जमा किया जा सकता है। ओटीएस-2026 के तहत आवेदन की प्रक्रिया को आबकारी एवं कराधान विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बेहद सरल बना दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के जीएसटी करदाताओं का आभार भी व्यक्त किया क्योंकि हरियाणा पिछले कई वर्षों से एसजीएसटी (SGST) संग्रह में शानदार वृद्धि दर्ज कर रहा है। वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में हरियाणा का एसजीएसटी संग्रह 32% बढ़ा है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। इसके अलावा, हरियाणा ने वर्ष 2025-26 में भी 22% की वृद्धि दर के साथ देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक एसजीएसटी विकास दर दर्ज की थी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ,डिपार्टमेंट ऑफ़ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार , आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ आदित्य दहिया ,आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त श्री विनय प्रताप सिंह के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।








