जलनिकासी कार्यों में तेजी लाने ले दिए गए निर्देश
मानसून के दौरान संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी एवं त्वरित बाढ़ राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए सीईओ जीएमडीए के निर्देश पर किया गया निरीक्षण

गुरुग्राम, 11 जुलाई। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को न्यू गुरुग्राम के एक अन्य जलभराव संभावित क्षेत्र, मेफील्ड गार्डन क्षेत्र, में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से दौरा कर वहां चल रहे जलनिकासी सुधार कार्यों का निरीक्षण किया। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता श्री अमित गोदारा ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा फील्ड टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यह निरीक्षण जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी. सी. मीणा के उन निर्देशों के अनुरूप किया गया, जिनमें मानसून के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार फील्ड मॉनिटरिंग करने तथा जहां आवश्यकता हो, वहां बाढ़ राहत एवं जलनिकासी संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में हुई वर्षा के बाद मेफील्ड गार्डन क्षेत्र में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए जीएमडीए ने मौके पर अपने अभियान को और तेज कर दिया है। जलनिकासी तंत्र को मजबूत बनाने, अवरोधों को दूर करने तथा वर्षा जल की शीघ्र निकासी सुनिश्चित करने के लिए फील्ड टीमों को तत्काल आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में जलभराव की स्थिति को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मेफील्ड गार्डन क्षेत्र में ड्रेनेज नेटवर्क का एक लिंक नदारद है, जिसके कारण वर्षा जल की निकासी प्रभावित हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए जीएमडीए की टीमें विभिन्न विकल्पों पर कार्य कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान खोदाई में एक ड्रेन मिली है, जिसकी शीघ्र ही सफाई कर उसे आसपास के ड्रेनेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि वर्षा जल की प्रभावी निकासी सुनिश्चित हो सके। श्री अमित गोदारा ने अधिकारियों को बंद पड़े इनलेट प्वाइंट्स को पुनः खोलने तथा आवश्यकता अनुसार नई ड्रेनेज संरचना विकसित करने के निर्देश दिए हैं । उन्होंने बताया कि इन कार्यों को पूरा करने में लगभग सात से आठ दिन का समय लगेगा।
शनिवार को श्री गोदारा ने सुभाष चौक से हीरो होंडा चौक तक के सड़क मार्ग तथा मेफील्ड गार्डन क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने चल रहे बाढ़ राहत एवं जलनिकासी सुधार कार्यों की समीक्षा की।
जीएमडीए द्वारा वर्तमान में सड़क किनारे बनी रोड गलियों की सफाई, ड्रेनेज इनलेट्स को खोलने एवं साफ करने, विभिन्न ड्रेनों के बीच कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने, नालों की सफाई करने तथा ड्रेनेज नेटवर्क से जमा गाद, मिट्टी एवं मलबा हटाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इन उपायों से वर्षा जल का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित होगा, जलनिकासी प्रणाली की क्षमता बढ़ेगी तथा भारी वर्षा के दौरान इस मार्ग पर पानी की तेज निकासी संभव हो सकेगी।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री पी. सी. मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान शहर के सभी जलभराव संभावित स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा सभी बाढ़ राहत उपायों की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए।








