हरियाणा विधान सभा सचिवालय और भारतीय स्टेट बैंक के बीच एमओयू

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कर्मचारियों को मिलेंगी बीमा सुरक्षा, रियायती ऋण, लॉकर, डिजिटल बैंकिंग सहित अनेक विशेष सुविधाएं

·      विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की उपस्थिति में हुआ एमओयू साइन

चंडीगढ़, 1 जुलाई – हरियाणा विधान सभा सचिवालय ने अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उन्हें बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की उपस्थिति में विस सचिव राजीव प्रसाद तथा एसबीआई के महाप्रबंधक बिनोद कुमार सिन्हा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते के तहत हरियाणा विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन खाते भारतीय स्टेट बैंक में खोले जाएंगे। इसके बदले बैंक कर्मचारियों को विशेष श्रेणी की बैंकिंग सुविधाएं, बीमा सुरक्षा और विभिन्न ऋणों पर रियायतें उपलब्ध कराएगा।

विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि कर्मचारियों का कल्याण और वित्तीय सुरक्षा सचिवालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। यह समझौता कर्मचारियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करेगा।  

एमओयू के अंतर्गत कर्मचारियों को बिना न्यूनतम शेष राशि की बाध्यता के वेतन खाता, निःशुल्क इंटरनेट बैंकिंग, डिमांड ड्राफ्ट, ऑटो स्वीप सुविधा तथा विभिन्न श्रेणियों के डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाएंगी।

समझौते के तहत कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, 100 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, 160 लाख रुपये तक का एयर एक्सीडेंट कवर तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में भी व्यापक बीमा सुरक्षा प्रदान की जाएगी।  

कर्मचारियों के परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। ‘एसबीआई रिश्ते’ (फैमिली सेविंग अकाउंट) के अंतर्गत परिवार के सदस्यों के लिए शून्य न्यूनतम बैलेंस वाला बचत खाता, निःशुल्क डेबिट कार्ड, मुफ्त एसएमएस अलर्ट, ऑनलाइन फंड ट्रांसफर सुविधा तथा प्रत्येक पात्र खाते पर 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाएगा।

एमओयू के तहत कर्मचारियों को गृह ऋण, वाहन ऋण तथा पर्सनल लोन पर भी विशेष रियायतें मिलेंगी। होम लोन के कई मामलों में प्रोसेसिंग शुल्क में पूर्ण या आंशिक छूट, कार लोन पर कम प्रोसेसिंग शुल्क एवं अधिक वित्तपोषण तथा पर्सनल लोन पर प्रोसेसिंग शुल्क और ब्याज दर में विशेष रियायत प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर विधान सभा सचिवालय एवं भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। दोनों संस्थानों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं, वित्तीय सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर के मौके पर एसबीआई के चंडीगढ़ स्थानीय मुख्यालय के महाप्रबंधक (नेटवर्क-II) बिनोद कुमार सिन्हा, उप महाप्रबंधक राजेश कुमार, पंचकूला उप-महाप्रबंधक (बी एंड ओ) विवेक कुमार, चंडीगढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक विनीत कुमार, एजीएम (डीवीएएस), नरेश कुमार मेहता, मुख्य प्रबंधक एवं टीम लीडर रुद्र देव शर्मा, हरियाणा सिविल सचिवालय शाखा के प्रबंधक हिमांशु गर्ग मौजूद रहे।

220 वर्षों की विरासत, 71 वर्षों से भारतीय स्टेट बैंक के रूप में देश की सेवा

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। इसकी ऐतिहासिक यात्रा वर्ष 1806 में बैंक ऑफ कलकत्ता की स्थापना से शुरू हुई, जो आगे चलकर इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया बना। वर्ष 1955 में भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के संयुक्त प्रयासों से इसका राष्ट्रीयकरण हुआ और इसे भारतीय स्टेट बैंक नाम मिला। आज एसबीआई अपने 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर देश-विदेश में करोड़ों ग्राहकों को बैंकिंग, डिजिटल वित्तीय सेवाएं, ऋण, निवेश और बीमा जैसी व्यापक सुविधाएं प्रदान करते हुए भारत की अर्थव्यवस्था के सबसे भरोसेमंद वित्तीय संस्थानों में अग्रणी स्थान रखता है।

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Author: Bharat Sarathi

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