मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया फाजिलपुर बादली अमृत सरोवर का उद्घाटन

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पटौदी की विधायक बिमला चौधरी ने 64 लाख 88 हज़ार रुपये की लागत से 3.15 एकड़ क्षेत्रफल में तैयार अमृत सरोवर का स्थानीय स्तर पर किया शुभारम्भ

अमृत सरोवरों को बनाएंगे गांवों की नई पहचान : विधायक बिमला चौधरी

जल संरक्षण के साथ सामाजिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में होंगे विकसित, जनभागीदारी से होगा स्थायी रखरखाव

गुरुग्राम, 01 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को नारायणगढ़ की नई अनाज मंडी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुरुग्राम जिला के फाजिलपुर बादली के अमृत सरोवर का शुभारंभ किया। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में पटौदी की विधायक बिमला चौधरी ने फाजिलपुर बादली ग्राम पंचायत में मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत लगभग 64.88 लाख रुपये की लागत से 3.15 एकड़ क्षेत्रफल में आधुनिक मॉडल का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का संबोधन भी सुना गया। कार्यक्रम में पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता अजय शर्मा तथा ग्रामीणों ने अतिथिगण का स्वागत किया।

जिला स्तरीय समारोह में विधायक बिमला चौधरी ने कहा कि अमृत सरोवर ग्रामीण विकास की नई सोच का प्रतीक बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांवों के पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। इन सरोवरों का उद्देश्य केवल वर्षा जल का संरक्षण करना नहीं, बल्कि इन्हें ग्रामीणों के लिए स्वच्छ, सुंदर और उपयोगी सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रत्येक गांव का तालाब उसकी पहचान और गौरव का केंद्र बनेगा।

बिमला चौधरी ने कहा कि अमृत सरोवरों की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब ग्राम पंचायतें और ग्रामीण स्वयं इनके संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएंगे। सरकार स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता को बढ़ावा देकर पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे इन परिसरों की स्वच्छता, हरियाली और उपयोगिता बनाए रखने में अपना सक्रिय योगदान दें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनका लाभ उठा सकें।

उन्होंने अमृत सरोवरों को गांवों की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता, सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने तथा आगामी मानसून को देखते हुए सभी गांवों में साफ-सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही स्वच्छ, हरित और स्वस्थ गांवों के निर्माण का संकल्प साकार होगा।

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Author: Bharat Sarathi

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