जीएमडीए ने सेक्टर 58 से 67 तक जल निकासी व्यवस्था को किया और मजबूत

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मानसून के दौरान जलभराव रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त पंप, कलेक्शन सम्प एवं ड्रेनेज नेटवर्क की कनेक्टिविटी को किया गया सुदृढ़

Connection of surface drain with master storm water drain near Police Chowki, sector 75.

गुरुग्राम, 29 जून: मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने और वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने हेतु गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सेक्टर 58 से 67 तक जल निकासी व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए अन्य स्थानों पर व्यापक ड्रेनेज सुधार कार्य किए हैं। इसके साथ ही सेक्टर 58 से 67 के मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क तथा सेक्टर 58 से 80 तक के सड़क नेटवर्क की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि भारी वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और यातायात सुचारु बना रहे।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने बताया कि सेक्टर 58 से 67 का मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क पहले से संचालित है, लेकिन कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। इसे ध्यान में रखते हुए ऐसे सभी संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक तकनीकी सुधार एवं अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं।

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि सेक्टर-67 स्थित बेस्टेक सोसाइटी के पास मौजूदा पंप हाउस पर अतिरिक्त पंप एवं डीजी सेट स्थापित किया जाएगा, जिससे भारी बारिश के समय पानी की निकासी क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।

इसी प्रकार सेक्टर-66 में एआईपीएल मॉल के सामने चार कलेक्शन सम्प का निर्माण कर उन्हें 600 मिमी आरसीसी पाइपलाइन के माध्यम से आपस में जोड़ा गया है। इस व्यवस्था को सीवर सम्प से भी जोड़ा गया है, जिससे वर्षा जल का शीघ्र निकास हो सके और सड़क पर पानी जमा न हो।

Connection of surface with master drain( Kost naala) at sector 65 (near 65th avenue)

श्री मीणा ने यह भी कहा कि गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर सेंट ज़ेवियर्स स्कूल के निकट सेक्टर 49, 50, 65 और 66 के जंक्शन पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए सेक्टर-49 में दो कलेक्शन सम्प बनाए गए हैं। सेक्टर-49 और 50 की सतही नालियों को साफ कर इन्हें कलेक्शन सम्प से जोड़ा गया है, जिन्हें आगे सेक्टर-66 स्थित मास्टर ड्रेन से मौजूदा 900 मिमी पाइपलाइन के माध्यम से जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-65 की लगभग 50 वर्ग मीटर ग्रीन बेल्ट को बाउल प्रोफाइल में विकसित किया गया है, जिससे वर्षा जल सीधे कलेक्शन सम्प में पहुंचकर मास्टर ड्रेन में प्रवाहित हो सके।

उन्होंने आगे बताया कि सेक्टर-66 स्थित ईमार सोसाइटी ट्रैफिक सिग्नल के पास भी सेक्टर-49 में नया कलेक्शन सम्प बनाकर उसे नई 600 मिमी आरसीसी पाइपलाइन के माध्यम से मास्टर ड्रेन से जोड़ा गया है। साथ ही समीप स्थित सतही नाले को भी पुनर्स्थापित कर कलेक्शन सम्प से जोड़ा गया है। इससे वटिका चौक से सेंट ज़ेवियर्स स्कूल तक के मार्ग पर जलभराव की समस्या में कमी आएगी।

श्री मीणा ने जानकारी दी कि सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) स्थित ट्यूलिप चौक पर सेक्टर-71/72 में कलेक्शन सम्प का निर्माण कर उसे नई 600 मिमी आरसीसी पाइपलाइन के माध्यम से सेक्टर-70 स्थित मास्टर ड्रेन (लेग-4) से जोड़ा गया है। इसके अलावा सेक्टर-69 एवं 70 की क्षतिग्रस्त सतही नालियों का पुनर्स्थापन कर उन्हें भी मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

इसी प्रकार एसपीआर पुलिस चौकी के निकट सेक्टर-74, 75 एवं 75ए के टी-जंक्शन पर सेक्टर-74 में कलेक्शन सम्प का निर्माण कर उसे 600 मिमी आरसीसी पाइपलाइन के माध्यम से मास्टर ड्रेन (लेग-4) से जोड़ा गया है। साथ ही सेक्टर-75 एवं 75ए की क्षतिग्रस्त सतही नालियों के पुनर्स्थापन का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसके बाद इन्हें मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मानसून से पहले सेक्टर 58 से 67 तक के मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की गाद निकालने एवं सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे उनकी जल वहन क्षमता पुनः बहाल हो गई है। इसके अलावा सेक्टर 57 से 67 तथा सदर्न पेरिफेरल रोड पर नियमित रूप से सड़कों एवं सतही नालों की सफाई भी कराई जा रही है, ताकि वर्षा जल का प्रवाह निर्बाध बना रहे।

श्री मीणा ने कहा कि जीएमडीए शहर की जल निकासी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। इन प्रयासों से मानसून के दौरान जलभराव की समस्या में कमी आएगी, वर्षा जल की निकासी और अधिक तेज़ होगी तथा नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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Author: Bharat Sarathi

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