फ्लाईओवर निर्माण में तेजी लाकर उद्योगों और आमजन को राहत दे सरकार : विनोद बापना।
एनएच-48 फ्लाईओवर परियोजना में देरी: हरियाणा के उद्योग और आमजन दोनों पर बढ़ता संकट।
समयबद्ध निर्माण ही आर्थिक प्रगति और सुगम यातायात की कुंजी- विनोद बापना।
गुरुग्राम (जतिन /राजा ) – एनएच-48 केवल एक राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं, बल्कि हरियाणा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है। गुरुग्राम, मानेसर, बावल, धारूहेड़ा, नीमराना और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों वाहन कच्चा माल और तैयार उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाते हैं। ऐसे में फ्लाईओवर निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी उद्योगों और आम नागरिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।उद्योग जगत की तरफ से गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सीआईआई हरियाणा कॉन्सिल के वरिष्ट सदस्य व कैपेरो मारुती के सीईओ विनोद बापना ने यह बात मीडिया को जारी करते हुए अपने एक बयान में कही।
उन्होंने कहा कि घंटों तक लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारण उद्योगों की उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। समय पर कच्चा माल नहीं पहुँचने से उत्पादन प्रभावित होता है और तैयार माल की आपूर्ति में देरी होने पर कंपनियों को ग्राहक असंतोष तथा विलंब शुल्क जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ईंधन की अतिरिक्त खपत, परिवहन लागत में वृद्धि और समय की बर्बादी उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी प्रभावित कर रही है।
विनोद बापना ने कहा इस समस्या का प्रभाव केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है। प्रतिदिन लाखों कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यापारी और आम नागरिक इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ट्रैफिक जाम के कारण उनका बहुमूल्य समय नष्ट होता है, ईंधन की बर्बादी होती है और आपातकालीन सेवाओं को भी बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो हरियाणा की औद्योगिक छवि और निवेश आकर्षित करने की क्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उद्योग ऐसे क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं जहाँ बुनियादी ढाँचा मजबूत और परिवहन व्यवस्था सुचारु हो। इसलिए यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के विकास से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों द्वारा कार्य की गति बढ़ाई जाए, नियमित समीक्षा की जाए और यदि किसी कारणवश अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है तो सक्षम एवं अनुभवी एजेंसी के माध्यम से परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
साथ ही, निर्माण कार्य पूरा होने तक प्रभावी वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उद्योगों की सप्लाई चेन और आम नागरिकों का दैनिक जीवन कम से कम प्रभावित हो।उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान रखता है। इस पहचान को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है कि आधारभूत ढाँचे से जुड़ी परियोजनाएँ समय पर पूरी हों। उद्योगों की निर्बाध आवाजाही केवल व्यापार की आवश्यकता नहीं, बल्कि लाखों लोगों के रोजगार, राज्य की आर्थिक प्रगति और देश की विकास यात्रा से भी जुड़ा विषय है। विनोद बापना ने बताया कि जल्द ही हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर एनएच-48 फ्लाईओवर परियोजना में तेजी लाने का आग्रह करेगा।








