-गेट पास सिस्टम पर जताई चिंता
-किसानों और आढ़तियों की परेशानियों पर संसद में गरजी कुमारी सैलजा, व्यवस्था सुधार की उठाई मांग
नई दिल्ली 2 अप्रैल। सिरसा की सांसद, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने आज संसद में शून्यकाल के दौरान हरियाणा की अनाज मंडियों में किसानों एवं आढ़ती वर्ग द्वारा झेली जा रही समस्याओं को गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
सांसद सैलजा ने सदन को अवगत कराया कि राज्य में हाल ही में लागू किया गया नया गेट पास सिस्टम किसानों और आढ़ती भाइयों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। कई मंडियों में पोर्टल के बार-बार क्रैश होने से किसानों को अपनी उपज लेकर घंटों, यहां तक कि कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सरसों की खरीद के लिए स्थापित गुणवत्ता परीक्षण लैब अनेक स्थानों पर सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त, गेट पास प्राप्त करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली के पंजीकरण नंबर सहित फोटो अपलोड करना तथा बायोमेट्रिक/ अंगूठा सत्यापन की अनिवार्यता छोटे और सीमांत किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ बन रही है।
सांसद ने कहा कि गेट पास की समय-सीमा भी किसानों की व्यावहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। साथ ही, मंडियों के अधिसूचित क्षेत्रों को सीमित किए जाने से किसानों को भंडारण और समय पर बिक्री में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आढ़ती वर्ग की समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्तमान महंगाई और बढ़ती लागत के बावजूद आढ़त दरों में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है, जिससे उनका आर्थिक संतुलन बिगड़ रहा है और इसका सीधा प्रभाव किसानों पर पड़ रहा है। इसके अलावा, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के अंतर्गत कई किसान पंजीकरण से वंचित रह गए हैं, जिसके कारण वे अपनी उपज बेचने में असमर्थ हैं।
सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि नई व्यवस्था की समीक्षा कर इसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। उन्होंने गेट पास एवं बायोमेट्रिक प्रणाली को सरल और व्यावहारिक बनाने, पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने, सभी खरीद केंद्रों पर गुणवत्ता परीक्षण लैब को पूरी तरह कार्यशील करने, मंडियों में पर्याप्त सुविधाएं एवं भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने, आढ़त दरों की पुनर्समीक्षा कर उन्हें महंगाई के अनुरूप बढ़ाने तथा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल को पुन: खोलने की मांग की ताकि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगी, जिससे किसानों और आढ़ती वर्ग को राहत मिल सके।









