भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रकृति को भी देवता माना गया है : राज नेहरू ओएसडी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
“पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी नैतिक प्रतिबद्धता” : डॉ संजय कौशिक, कुलगुरु
“आज की जागरूकता, कल की सुरक्षा” : गजेंद्र फोगाट, ओएसडी, मुख्यमंत्री, हरियाणा

गुरुग्राम 18 मई। गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित वसुधैव कुटुम्बकम कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर गंभीर चिंतन व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा में प्रकृति को भी देवता का स्वरूप माना गया है। हमारे ऋषि-मुनियों ने सदियों पहले प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था, जिसे आज पुनः अपनाने की आवश्यकता है।

राज नेहरू ने कहा कि आज पर्यावरण संकट पूरे विश्व के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि “पर्यावरण बचा तो हम बचेंगे”, इसलिए हर व्यक्ति को पौधरोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कौशिक ने कहा “पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी नैतिक प्रतिबद्धता” है हम सभी को मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करना I

कार्यक्रम में उपस्थित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को प्रकृति संरक्षण की मुहिम से जुड़ना होगा। युवाओं को पर्यावरण जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाकर सतत विकास की दिशा में कार्य करना समय की मांग है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी गजेंद्र फौगाट ने कहा कि मोदी जी का सपना भी देश स्वच्छ बनाना है जिसमे सबसे पहले पर्यायवरण है । इस अवसर पर पर्यावरण आयोग के साथ औधोगिक इकाई आर वी आर इन्वोवशन एल एल पी ने समझौता ज्ञापन भी सांझा किया ।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय चेयरमैन भारत शर्मा ने वसुधैव कुटुम्बकम कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला । राज्य स्तरीय चेयरमैन राजेश भारद्वाज ने सबका धन्यवाद किया । इस मौके पर रेलवे बोर्ड के सदस्य अमित सिंह,मंडी गोविंदगढ़ के समाज सेवी ऋतिक अरोड़ा,संयोजक पुनीत ढल,उद्घोषिका प्रीति यादव को सम्मानित किया गया। शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम में आयोग के ओएसडी हरेंद्र शर्मा,जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी बिजेंद्र, प्रोफेसर खन्ना,,राज्य स्तरीय सदस्य कुलदीप शर्मा,रामेन्द्र शर्मा, उद्योगपति विद्यासागर,रवि,वेदपाल, राजबीर कॉशिक,पवन अत्रि,रोहतास ठेकेदार,महेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।








