हरियाणा में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर भाजपा सरकार घिरी, सुरजेवाला ने लगाया युवाओं के हक छीनने का आरोप

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181 में से केवल 146 पद भरे, 73 चयनित उम्मीदवार हरियाणा से बाहर के : सुरजेवाला

हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद भर्ती प्रक्रिया जारी रखने पर उठाए सवाल

एससी और पिछड़ा वर्ग के दर्जनों पद खाली छोड़ने का आरोप “

हरियाणवी युवाओं के हकों पर बुलडोजर चला रही भाजपा सरकार” : रणदीप सुरजेवाला

चंडीगढ़, 18 मई 2026। रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता और हरियाणा के युवाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद सुरजेवाला ने कहा कि मात्र छह दिनों में दूसरी बार भाजपा सरकार ने हरियाणा के युवाओं की नौकरियों की “खुली लूट” की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नायब सरकार का नया मंत्र बन गया है — “बाहरी पास, हरियाणवी फेल”।

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) हिंदी और साइकोलॉजी भर्ती के बाद अब भूगोल विषय की भर्ती में भी हरियाणा के युवाओं के अधिकारों को कुचला गया है। उन्होंने कहा कि घोषित परिणामों में सामान्य वर्ग की 181 सीटों में से केवल 146 पद भरे गए, जबकि 35 पद खाली छोड़ दिए गए। इनमें से भी 73 चयनित उम्मीदवार हरियाणा से बाहर के बताए गए हैं, जबकि केवल 43 उम्मीदवार हरियाणा के हैं।

उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित वर्गों के साथ भी भारी अन्याय हुआ है। सुरजेवाला के अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग के 48 पदों में केवल 16 भरे गए और 32 पद खाली छोड़ दिए गए। इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग के 57 पदों में केवल 30 नियुक्तियां की गईं, जबकि 27 पद रिक्त रखे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक सुनियोजित रणनीति के तहत हरियाणा के युवाओं के अधिकारों का हनन करने के लिए किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2 अगस्त 2024 को असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती निकाली गई थी और Haryana Public Service Commission द्वारा 3 मार्च 2026 तथा 17 अप्रैल 2026 को भूगोल विषय का परिणाम घोषित किया गया। जब चयन सूची उच्च शिक्षा विभाग को भेजी गई तो भर्ती प्रक्रिया की वास्तविकता सामने आई।

सुरजेवाला ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 12 मई 2026 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने यूजीसी नियमों के विपरीत HPSC द्वारा लिखित परीक्षा में लगाई गई शर्त को अवैध करार दिया है और इसी आधार पर असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश भर्ती रद्द की गई थी। उन्होंने कहा कि यही फैसला भूगोल सहित अन्य सभी भर्तियों पर भी लागू होता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब हाईकोर्ट भर्ती प्रक्रिया को गैरकानूनी बता चुका है, तो फिर सरकार और HPSC ऐसी भर्तियों को जारी रखकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं। सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री  नायब सैनी से सार्वजनिक माफी मांगने तथा HPSC को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।

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Author: Bharat Sarathi

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