अनुभव, उत्साह और उमंग का संगम — वानप्रस्थ में 15 प्रबुद्ध वरिष्ठों का भव्य सामूहिक जन्मोत्सव

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संगीत, कविता और आत्मीयता से सजा समारोह, पर्यावरण संरक्षण का भी दिया गया संदेश

हिसार, 1 अप्रैल। वानप्रस्थ सीनियर सिटीजन क्लब हिसार में 15 प्रबुद्ध वरिष्ठ सदस्यों का सामूहिक जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा और आत्मीय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर क्लब परिवार में उत्साह, अपनत्व और सांस्कृतिक रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. जे. के. डांग ने सभी सदस्यों की ओर से जन्मोत्सव मना रहे सम्माननीय सदस्यों—डॉ. एम. एस. मलिक, डॉ. कृष्णा हुड्डा, श्रीमती राज गर्ग, श्री एस. पी. चौधरी, श्री योगेश सुनेजा, डॉ. वी. पी. मेहता, डॉ. आर. के. जैन, डॉ. सुनीता शिओकंद, डॉ. इन्दु गहलावत, डॉ. आर. के. सैनी, डॉ. मंजु मेहता, श्री अशोक खट्टर, डॉ. सरोज जीत सिंह एवं श्रीमती स्नेह डुडेजा—को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और उनके स्वस्थ, दीर्घ एवं सुखमय जीवन की कामना की। मंच संचालन का दायित्व श्रीमती राज गर्ग ने प्रभावशाली ढंग से निभाया।

क्लब की ओर से सभी जन्मदिन मना रहे सदस्यों को उपहार स्वरूप पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश भी दिया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिए। डॉ. एम. एस. मलिक ने अपनी मधुर शास्त्रीय प्रस्तुति “कान्हा जारे-जारे सांवरिया” से कार्यक्रम का शुभारंभ कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. आर. एस. हुड्डा ने अपनी पत्नी को समर्पित भावपूर्ण गीत “जीवन से भरी तेरी आँखें…” प्रस्तुत कर वातावरण को भावुक बना दिया।

श्री एस. पी. चौधरी ने अपनी स्वयं-रचित देशभक्ति कविता “भरोसा रखना मेरे मीत…” से राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की, वहीं डॉ. आर. के. सैनी ने “तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं…” जैसे लोकप्रिय गीत से समां बांध दिया।

श्री योगेश सुनेजा एवं डॉ. सुनीता सुनेजा ने युगल गीत “यूँ ही तुम मुझसे बात करती हो…” तथा श्री सुनेजा ने “ये चाँद सा रोशन चेहरा…” प्रस्तुत कर खूब तालियाँ बटोरीं। डॉ. सुनीता शिओकंद ने अपनी प्रेरणादायी कविता “ज़िंदगी सालों से नहीं, जज़्बों से मापी जाती है…” के माध्यम से सकारात्मक जीवन दृष्टि का संदेश दिया।

कार्यक्रम में विशेष आकर्षण रही श्रीमती स्नेह डुडेजा की पोती कु. विभीषा की भक्तिमय प्रस्तुति “देवकी नंदन तुमको वंदन…”, जिसने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। डॉ. इन्दु गहलावत ने भी भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की, जबकि डॉ. सरोज जीत सिंह ने क्लब को एक आत्मीय परिवार बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

सभी जन्मोत्सव मनाने वाले सदस्यों ने सामूहिक रूप से केक काटकर खुशियाँ साझा कीं। विशेष अनुरोध पर डॉ. आर. के. सैनी ने “परदेसियों से न अखियाँ मिलाना…” गीत भी प्रस्तुत किया, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

कार्यक्रम के अंत में क्लब के प्रधान डॉ. एस. के. अग्रवाल ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया और सफल आयोजन के लिए श्रीमती राज गर्ग के कुशल मंच संचालन तथा उपसचिव डॉ. आर. के. जैन, डॉ. नीलम परुथी, श्रीमती सुनीता बहल एवं श्री अशोक खट्टर के उत्कृष्ट प्रबंधन की सराहना की।

अंत में सभी सदस्यों ने स्नेहपूर्ण वातावरण में प्रीतिभोज का आनंद लिया, आपसी संवाद के साथ यादें साझा कीं और हँसी-ठहाकों के बीच कार्यक्रम का सुखद समापन हुआ।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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