यूएलबी आयुक्त व सचिव अशोक कुमार मीणा ने दिए निर्देश—ड्रेनों की सफाई, वैकल्पिक व्यवस्था और रेनवाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष फोकस

गुरुग्राम, 1 अप्रैल। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त व सचिव अशोक कुमार मीणा ने बुधवार को गुरुग्राम पहुंचकर अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा , फरीदाबाद निगमायुक्त धीरेंद्र खड़ग़टा, गुरुग्राम निगमायुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने कहा कि गुरुग्राम और फरीदाबाद दोनों शहर राज्य सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं इन शहरों के विकास कार्यों की समय-समय पर समीक्षा करते रहते हैं। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मास्टर ड्रेन, सर्फेस ड्रेन तथा सीवरेज नेटवर्क की समय रहते सफाई और मरम्मत का कार्य पूरा किया जाए। जहां दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) परियोजनाएं मानसून से पहले पूरी नहीं हो सकतीं, वहां अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जल निकासी बाधित न हो।
उन्होंने अधिकारियों को ऐसे सार्वजनिक स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जा सके। इससे जलभराव की समस्या कम होगी और भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
बैठक में ग्रीन बेल्ट को नीचा करने, चैनल की डी-सिल्टिंग, तालाबों की गहराई बढ़ाने (पौंड डीपनिंग), अतिरिक्त रोड गल्ली का निर्माण तथा बागवानी कचरे के नियमित उठान जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से जुड़े मुद्दों को भी सुना गया और उनके शीघ्र समाधान का भरोसा दिया गया।
अशोक कुमार मीणा ने जानकारी दी कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत गुरुग्राम और फरीदाबाद का चयन किया गया है। इस योजना में 25 प्रतिशत राशि भारत सरकार, 25 प्रतिशत हरियाणा सरकार तथा शेष 50 प्रतिशत राशि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत जुटाई जाएगी। उन्होंने दोनों नगर निगमों को इनोवेटिव योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में पीएम स्वनिधि, स्वच्छ भारत मिशन, बजट घोषणाएं, जनसंवाद और सीएम घोषणाओं सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि नगर निगम गुरुग्राम द्वारा कई आईटी आधारित नवाचार किए गए हैं, जिनमें स्मार्ट सिटी यूनिफाइड पोर्टल, वाटर एवं सीवरेज कनेक्शन पोर्टल, इंस्पेक्शन एप और सेनिटेशन एप शामिल हैं। इन पहलों की आयुक्त अशोक कुमार मीणा ने सराहना की और इन्हें अन्य शहरों में भी लागू करने की बात कही। अंत में उन्होंने निर्देश दिया कि इस प्रकार की समीक्षा बैठक अब प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी, ताकि विकास कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में जीएमडीए सीईओ पीसी मीणा, फरीदाबाद निगमायुक्त धीरेंद्र खड़ग़टा, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, गुरुग्राम अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, यश जालुका व रविन्द्र यादव, फरीदाबाद अतिरिक्त निगमायुक्त सलोनी शर्मा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।









